प्रदेश में कई लोगों के सामने बिजली मीटर की रीडिंग लेने व बिल वितरण में गड़बड़ी सामने आ रही हैं जिसके लिए उपभोक्ता कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। उपभोक्ताओं ने डिस्कॉम की लैब में बिजली मीटर की जांच करवाई, तो 5 प्रतिशत से ज्यादा मीटर तेज चलते पाए गए। गर्मियों में ज्यादा तापमान होने के कारण मीटर के तेज चलने की 20 प्रतिशत तक शिकायतें आती हैं। गारंटी पीरियड में तय मापदंडों से ज्यादा मीटर खराब होने पर डिस्कॉम ने कई कंपनियों का पेमेंट भी रोक रखा है, लेकिन उपभोक्ताओं को ज्यादा रीडिंग के पेमेंट में कोई राहत नहीं मिली है।
बिजली मीटर तेज चलने की आशंका या बिल ज्यादा आने पर उपभोक्ता संबंधित एईएन दफ्तर में शुल्क जमा करवाकर मीटर टेस्ट करवा सकता है। सिंगल फेज मीटर टेस्टिंग चार्ज 35 रुपए और थ्री फेज मीटर टेस्टिंग चार्ज 70 रुपए है। मीटर की गारंटी 5 साल तक रहती है।इस तरह खुद कर सकते हैं मीटर की जांच
एक हजार वॉट के किसी उपकरण को एक घंटे तक चलाने पर एक यूनिट बिजली खर्च होती है। बिजली मीटर सही है या नहीं ये जानने के लिए घर के एक हजार वॉट के एक उपकरण को चला दें। अगर एक घंटे में एक यूनिट से ज्यादा बिजली रीडिंग आ रही है तो डिस्कॉम की मीटर लैब में जांच करवा सकते हैं।