अब दांतों के मरीजों को नहीं काटने पड़ेंगे अस्पतालों के चक्कर, दिल्ली सरकार ने शुरू की यह खास सुविधा

दिल्ली में अब दांतों के मरीजों को अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, क्योंकि दिल्ली सरकार ने मोबाइल डेंटल क्लीनिक की सुविधा शुरू की है। गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने छह मोबाइल डेंटल क्लीनिक का उद्घाटन किया और मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से इन डेंटल बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य दिल्ली के नागरिकों को बेहतरीन ओरल हेल्थ सुविधाएं प्रदान करना है।

ये मोबाइल क्लीनिक आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस हैं, जिससे दंत चिकित्सा से जुड़ी सभी आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इस मौके पर पंकज सिंह ने कहा कि सरकार दिल्लीवासियों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं देने के अपने वादे पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में छह डेंटल वैन शुरू की गई हैं, और भविष्य में इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी ताकि बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

अब सरकार रखेगी आपके दांतों का पूरा ख्याल

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मैं खुद चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ा हूं, इसलिए मैंने देखा है कि ओरल हेल्थकेयर को अक्सर नजरअंदाज किया जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, दिल्ली सरकार ने मोबाइल डेंटल वैन की शुरुआत की है, जो शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर न केवल लोगों को दंत स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेगी, बल्कि उनका इलाज भी करेगी।

यह वैन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है और खासतौर पर ग्रामीण इलाकों, श्रमिक बस्तियों और वरिष्ठ नागरिकों तक दंत चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के लिए तैयार की गई है। सरकार का लक्ष्य सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करके यह सुनिश्चित करना है कि हर वर्ग, खासकर कमजोर और जरूरतमंद लोगों को समय पर बेहतरीन चिकित्सा सुविधा मिले।

मोबाइल डेंटल वैन में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

इन डेंटल वैन को सभी अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है, जिससे मरीजों को बेहतरीन दंत चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। वैन में मॉडर्न डेंटल चेयर, पोर्टेबल एक्स-रे यूनिट, अल्ट्रासोनिक स्केलर, स्टरलाइजेशन यूनिट और डायग्नोस्टिक टूल्स जैसी सुविधाएं मौजूद होंगी। इसके अलावा, वैन में जीपीएस सिस्टम भी होगा, जो अस्पताल से जुड़ा रहेगा। इससे वैन की लोकेशन पर नजर रखी जा सकेगी—चाहे वह किसी स्कूल में हो, किसी अस्पताल के बाहर खड़ी हो या फिर किसी डिस्पेंसरी में सेवाएं दे रही हो। वैन में डॉक्टरों की एक टीम भी मौजूद रहेगी, जो मरीजों को तुरंत इलाज और परामर्श प्रदान करेगी।