किसान आंदोलन: टिकरी बॉर्डर पर दो और किसानों की मौत, एक की हादसे तो दूसरे की हृदयघात से गई जान

भारत में 70 दिन से जारी किसान आंदोलन में शामिल दो और किसानों की टीकरी बॉर्डर पर मौत हो गई। जुलाना खेड़ा के रहने वाले 75 वर्षीय बुजुर्ग किसान दिलीप सिंह को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर दे मारी, जिसके बाद उन्हें रोहतक स्थित पीजीआई में भर्ती कराया गया था जहां उनकी मौत हो गई। वहीं, पंजाब के संगरूर जिले के गांव रामपुर छैना के रहने वाले 29 वर्षीय किसान संदीप की हृदयघात से मौत होने की आशंका जताई जा रही है।

अज्ञात वाहन की टक्कर से हुए थे चोटिल

कैथल जिले के गांव जुलाना खेड़ा के रहने वाले बुजुर्ग किसान दिलीप सिंह दो माह से बहादुरगढ़ बाइपास पर किसानों के जत्थे के साथ डटा हुआ था। सोमवार अलसुबह जब वह लघुशंका के लिए उठा और सड़क पार करने लगा तो उसी दौरान अज्ञात वाहन की टक्कर से चोटिल हो गया। मौके पर मौजूद किसानों ने उसे तुरंत इलाज के लिए रोहतक स्थित पीजीआई लेकर गए, जहां उनकी मंगलवार को मौत हो गई।

पंजाब के युवा किसान की हुई मौत

वहीं 29 साल का संदीप रामपुर छैना गांव का था रहने वाला बताया जा रहा है। सेक्टर 9 मोड़ और बहादुरगढ बस स्टैंड के बीच उसकी ट्रैक्टर ट्रॉली खड़ी थी। मृतक किसान संदीप आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। उसकी मौत का कारण फ़िलहाल ह्रदय गति रुकना बताया जा रहा लेकिन असली कारणों का पता तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

बता दें कि अब तक 25 से ज्यादा किसानों की टिकरी बॉर्डर पर मौत हो चुकी है। परिजनों के आने के बाद ही पुलिस शव का पोस्टमार्टम करवाने की कार्रवाई अमल में लाएगी।