अजमेर: खरेकड़ी रोड पर निर्माणाधीन एक होटल का काम उस वक्त अचानक ठप पड़ गया, जब बुलडोजर से हो रही खुदाई के दौरान एक कोबरा सांप गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद नाग के साथ उसकी नागिन भी थी। जैसे ही नागिन ने अपने साथी को जख्मी हालत में देखा, वह आक्रामक हो उठी और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। नागिन ने खतरा महसूस करते हुए वहां मौजूद मजदूरों और कर्मचारियों की ओर फुफकारना शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए लोग डर के मारे पीछे हट गए और करीब तीन घंटे तक निर्माण कार्य पूरी तरह बंद रहा। बाद में मौके पर स्नेक कैचर को बुलाया गया, जिसने नाग-नागिन के जोड़े को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ दिया। कुंडली मार आमने-सामने बैठा कोबरा जोड़ा:
कोबरा टीम राजस्थान के संस्थापक सुखदेव भट्ट ने बताया कि बुलडोजर की बकेट की चपेट में आने से नर कोबरा घायल हो गया था। अपने साथी को चोटिल देख नागिन बेहद उत्तेजित हो गई और लगातार फुफकार कर लोगों को पास आने से रोकती रही। इससे वहां मौजूद लोगों में भय का माहौल बन गया और काम रोकना पड़ा। असुरक्षित वातावरण को भांपते हुए नाग और नागिन एक-दूसरे के सामने कुंडली मारकर बैठ गए। भट्ट ने बताया कि सूचना मिलते ही वे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, जहां करीब 5-5 फीट लंबे कोबरा सांप आमने-सामने कुंडली जमाए हुए थे। नागिन लगातार पहरे की मुद्रा में रहकर नाग को बचाने की कोशिश कर रही थी।
‘डरें नहीं, सुरक्षित दूरी बनाए रखें’:
सुखदेव भट्ट ने बताया कि घायल होने के बावजूद नाग को नागिन अकेला छोड़ने को तैयार नहीं थी। पूरी सावधानी और सूझबूझ के साथ दोनों कोबरा सांपों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू के बाद उन्होंने वहां मौजूद लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि कोबरा प्रजाति के सांप आमतौर पर जोड़े में रहते हैं और खतरा महसूस होते ही आक्रामक व्यवहार दिखाकर खुद की रक्षा करते हैं। ऐसे हालात में घबराने की बजाय सांप से दूरी बनाए रखना ही सबसे सुरक्षित उपाय है। कई बार लोग डर के कारण सांप को नुकसान पहुंचा देते हैं, जो गलत है। उन्होंने अपील की कि सांप दिखने पर उसे मारने की बजाय तुरंत स्नेक कैचर या वन विभाग की मदद ली जाए।