महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव परिणामों पर राज ठाकरे का बयान, बोले—‘मराठी मानुष की लड़ाई जारी रहेगी’

महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों के नतीजे सामने आने के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से संदेश साझा करते हुए शुरुआत “सस्नेह जय महाराष्ट्र” के साथ की और मनसे तथा शिवसेना के सभी निर्वाचित नगरसेवकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

राज ठाकरे ने अपने बयान में कहा कि यह चुनाव किसी भी लिहाज से आसान नहीं था। अपार धनबल और सत्ता की ताकत के सामने यह संघर्ष शिवशक्ति की परीक्षा जैसा था। बावजूद इसके, दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने जिस जुझारूपन और समर्पण के साथ मैदान में डटे रहकर मुकाबला किया, वह सराहनीय है। इस कठिन परिस्थितियों में दिखाए गए संघर्ष के लिए कार्यकर्ताओं की जितनी प्रशंसा की जाए, उतनी कम है।

हम पीछे हटने वालों में से नहीं हैं – राज ठाकरे

मनसे प्रमुख ने स्वीकार किया कि इस बार पार्टी को वैसी सफलता नहीं मिली, जैसी अपेक्षा थी और इसका उन्हें अफसोस है। लेकिन उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे और उनका संगठन हिम्मत हारने वालों में से नहीं हैं। जो नगरसेवक चुनकर आए हैं, वे अपने-अपने क्षेत्रों में सत्ताधारी दलों के लिए एक मजबूत और प्रभावी चुनौती बनेंगे। अगर कहीं भी मराठी मानुष के हितों के खिलाफ कुछ होता है, तो वे पूरी ताकत से उसका जवाब देंगे।

मराठी मानुष, भाषा और अस्मिता की लड़ाई

राज ठाकरे ने दोहराया कि उनकी लड़ाई केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मराठी मानुष, मराठी भाषा, मराठी अस्मिता और एक सशक्त व समृद्ध महाराष्ट्र के लिए है। यही संघर्ष मनसे के अस्तित्व की पहचान है। उन्होंने कहा कि इस तरह की लड़ाइयां लंबी होती हैं और इसमें धैर्य, आत्ममंथन और निरंतर प्रयास की जरूरत होती है। कहां कमी रह गई, क्या चूक हुई और आगे की रणनीति क्या होनी चाहिए—इसका विश्लेषण सभी मिलकर करेंगे और उस पर ठोस कार्रवाई भी की जाएगी।

मराठी मानुष को दबाने की कोशिशें जारी रहेंगी

राज ठाकरे ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि चाहे मुंबई महानगर क्षेत्र हो या पूरा महाराष्ट्र, सत्ताधारी और उनके संरक्षण में रहने वाले लोग मराठी मानुष को दबाने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे। ऐसे में जरूरी है कि हम पूरी मजबूती के साथ मराठी मानुष के साथ खड़े रहें। उन्होंने कहा कि चुनाव आते-जाते रहेंगे, लेकिन यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि हमारी पहचान और हमारी सांस मराठी है। अंत में उन्होंने कहा कि जल्द ही फिर मुलाकात होगी, नए जोश के साथ काम में जुटेंगे और संगठन को नए सिरे से मजबूत करेंगे।