शनिवार की सुबह उत्तरप्रदेश के सीतापुर जिले की सांडा कोतवाली इलाके में तब सनसनी मच गई जब गांव के बाहर प्रेमी-युगल ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इससे बड़ी हैरानी की बात तो यह हुई कि पुलिस के आने से पहले ही परिजनों ने दोनों का अंतिम संस्कार कर डाला। बिसवां इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर गई थी लेकिन तब तक परिवार के लोग शवों की अंत्येष्टि कर चुके थे। घरवालों ने आपसी सुलह समझौता कर ऐसा किया है। वह पोस्टमार्टम नहीं कराना चाह रहे थे और न ही पुलिस कार्रवाई। फिलहाल मामले की जांच पुलिस कर रही है।
बिसवां इलाके के गांव सकरन खुर्द के निवासी एक 18 साल के युवक का गांव की ही 16 वर्ष की किशोरी के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों के बीच काफी समय से प्रेम-संबंध था। बताया जाता है कि प्रेमी-युगल शादी करना चाह रहे थे लेकिन किशोरी के परिवार के लोगों ने उसका रिश्ता कहीं दूसरी जगह तय कर दिया था। इसकी जानकारी मिलते ही दोनों परेशान हो उठे और साथ जीने, साथ मरने का फैसला कर लिया। दोनों प्रेमी-युगल शुक्रवार से घर से चले गए थे। काफी देर तक दोनों के नहीं आने पर परिवार के लोगों ने तलाश शुरू की। तलाश के दौरान दोनों का कोई सुराग नहीं लग सका।शनिवार सुबह गांव के लोग नित्यक्रिया के लिए गए थे, जहां पर गांव के बाहर जामुन के पेड़ में एक ही दुपट्टे से दोनों के शव लटकते मिले। इसकी सूचना उनके परिवार को दी गई। सूचना पाकर परिजन मौके पर पहुंचे। इसके बाद शवों को उतारकर गांव लाया गया, जहां पर लोगों की मौजूदगी में दोनों के परिजनों ने एक कागज पर सुलह समझौता करते हुए पुलिस को सूचना दिए बिना ही शवों का अंतिम संस्कार कर दिया है।