मध्यप्रदेश में अब तक कुल 1587 कोरोना संक्रमित मामले सामने आ चुके है. इंदौर में 923 और भोपाल में 303 मरीज मिले। प्रदेश में 80 लोगों की मौत हो गई है, इसमें सबसे ज्यादा 52 इंदौर से हैं। वहीं, रायसेन के जिस मुस्लिम बाहुल्य अल्ली गांव में 10 जमातियों में कोरोना की पुष्टि हुई, वहां सैंपल लेने और सर्वे करने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में घुसने नहीं दिया गया। यह टीम गांव के बाहर खेत में ढाई घंटे तक बैठी रही और गांव के लोगों को सर्वे करने के लिए मनाती रही, लेकिन गांव के लोग किसी भी प्रकार के सर्वे के लिए तैयार नहीं हुए। ऐसी स्थिति में यह टीम बिना सर्वे के ही वापस लौट आई। ऐसा भी बताया जा रहा है कि यदि सर्वे टीम गांव में घुसती तो उस पर हमला भी हो सकता था। यह जानकारी सर्वे टीम को गांव के बाहर ही मिल गई थी। सर्वे करने के लिए जो टीम भेजी गई थी, उनके साथ चार होमगार्ड के जवान ही भेजे गए थे।
वहीं, जिले के राजगढ़ में रात में गश्त पर निकले पुलिस जवानों पर चोर गैंग से हमला कर दिया। फायरिंग में दो जवानों के पैर में गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। धार में 15 दिन के अंदर चोरों ने यह दूसरी घटना को अंजाम दिया है। इससे पहले वे सोनगढ़ रोड पर प्याज की रखवाली कर रहे किसान पिता-पुत्र की गोली मार कर हत्या कर चुके हैं। दोनों ही मामलों में केस दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी है।बता दे, लॉकडाउन के दौरान सरकारी दफ्तर खोलने को लेकर सरकार ने फिर आदेश बदल दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि इंदौर, भोपाल, उज्जैन, धार और खरगोन में 15 अप्रैल तक की स्थिति ही बरकरार रखने को कहा गया है। यानी 3 मई तक कोई सरकारी दफ्तर नहीं खुलेगा। ऐसे जिले जहां पिछले 14 दिन में कोई कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला है, वहां 33% स्टाफ के साथ कामकाज शुरू किया जा सकता है। जिलों में रोज स्थितियां बदल रहीं हैं, इसलिए स्थानीय स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।
सख्त हुई सरकार / डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा अब नहीं होगी बर्दाश्त, मिलेगी 7 साल तक की सजा