आर्थिक पैकेज की आखिरी किश्त की विस्तार से जानकारी देने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर हमें मिलकर काम करना होगा। उन्होंने सोनिया गांधी से हाथ जोड़कर अपील की कि इस मुद्दे पर राजनीति न करें। उन्होंने राहुल गांधी की उस तस्वीर पर भी सवाल उठाए जिसमें वह सड़क पर बैठकर प्रवासी मजदूरों से बात कर रहे थे। निर्मला ने कहा कि राहुल ने ऐसा करके उन मजदूरों का वक्त खराब किया। इससे अच्छा होता उनके बच्चे, सूटकेस को पकड़कर उनके साथ पैदल चलते। निर्मला सीतारमण ने कहा कि मजदूरों के साथ बैठकर बातें करने से क्या होगा, मजदूरों के साथ बैठकर बातें करने के बजाय राहुल गांधी अपने मुख्यमंत्रियों को ज्यादा ट्रेनों के लिए क्यों नहीं कह रहे हैं, क्या ये ड्रामा नहीं है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'विपक्षी पार्टियों से कहना चाहती हूं कि प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर हमें मिलकर काम करना होगा। सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हाथ जोड़कर सोनिया गांधी जी से कहती हूं कि हमसे बात करें और प्रवासी मजदूरों के प्रति जिम्मेदारी समझें।'
निर्मला सीतारमण से प्रवासी मजदूरों के जुड़ा एक सवाल पूछा गया था कि पीडीएस और मनरेगा के तहत जो घोषणाएं हुई हैं इनका फायदा प्रवासी मजदूर अपने घर पहुंचकर ही उठा पाएंगे। लेकिन ज्यादातर लोग अभी रास्ते में ही हैं।
सवाल पर भड़की निर्मला सीतारमणइसपर निर्मला भड़क गईं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मजदूरों से अपील की थी कि वे लोग वहीं रहें जहां पर फिलहाल हैं। सरकार उनके रहने-खाने के इंतजाम की हरसंभव कोशिश कर रही। उन्होंने कहा लेकिन जब मजबूर लोग घर जाना ही चाहते थे तो केंद्र और रेलवे ने ट्रेन चलाने का ऐलान किया। रेलवे ने साफ कहा है कि ट्रेनें तैयार हैं जो राज्य जितनी ट्रेन मांगेगा उतनी दी जाएंगी।
निर्मला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासित और जिन राज्यों में उनके सहयोगियों की सरकार है वहां राजनीति हो रही है और ट्रेनों के लिए नहीं कहा जा रहा। निर्मला ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी को कांग्रेस शासित राज्यों को निर्देश देना चाहिए कि वे और ट्रेनें मंगाएं।