दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर प्रवासी मजदूरों की भीड़ लग गई है। गाजीपुर में बड़ी संख्या में मजदूर जुट गए हैं। इन लोगों को यूपी में प्रवेश करने से रोका गया है। समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार, बॉर्डर पर मजदूर लाइन लगाकर बस का इंतजार कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि वह घर जाने चाहते हैं। गाजीपुर में जुटी भीड़ को देखकर ऐसा लग रहा है कि किसी को कोरोना संक्रमण का कोई डर नहीं हैं। लॉकडाउन के नियमों की लोग खुले तौर पर धज्जियां उड़ा रहे हैं। कोई शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो रहा है। दरअसल, उत्तर प्रदेश की सीमा में अब प्रवासी मजदूर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मजदूरों के पलायन पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सख्त आदेश दिए है कि जो भी प्रवासी मजदूर पैदल, अवैध या असुरक्षित गाड़ियों से चलकर उत्तर प्रदेश में आने की कोशिश करे तो उन्हें वही रोक दिया जाए। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने शनिवार को कहा कि सीएम योगी ने औरैया सड़क हादसे पर संवेदना व्यक्त करते हुए सभी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी प्रवासी नागरिक को पैदल, अवैध या असुरक्षित वाहनों से यात्रा न करने दिया जाए। उन्होंने कहा कि अब अन्य प्रदेशों से प्रदेश की सीमा में पैदल, दो पहिया वाहन और ट्रक के जरिए किसी भी प्रवासी व्यक्ति आने की अब इजाजत नहीं होगी।
गाजीपुर-यूपी बॉर्डर पर मजदूरों की भीड़सीएम योगी के निर्देश के बाद गाजीपुर-यूपी बॉर्डर पर कई प्रवासी मजदूर रोक दिए गए हैं। पुलिस उन्हें अपने क्षेत्र में घुसने नहीं दे रही है। इस वजह से बॉर्डर पर काफी भीड़ बढ़ गई है। नाराज फंसे मजदूर बार-बार ट्रैफिक रोकने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें सड़क से हटाया और यातायात व्यवस्था बहाल की। थोड़ी देर में एक बार फिर से सड़क पर गाड़ियां दौड़ने लगीं लेकिन किनारे कई परिवार इकट्ठा हो गए। जो अपने बच्चों के साथ सड़क पर बैठने को मजबूर हैं।
शनिवार को उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि प्रवासियों के लिए हर बॉर्डर पर 200 बसें बॉर्डर के जिलों में व्यवस्थित की गई हैं। अब तक यूपी में 449 ट्रेनें आ चुकी हैं। यह पूरे देश में सबसे अधिक संख्या है। इन ट्रेनों से 5 लाख 64 हजार लोग यात्रा कर चुके हैं। शनिवार को ही 75 ट्रेनें आएंगी, 286 और ट्रेनों के संचालन को सहमति दी गई है। अवनीश अवस्थी ने कहा कि अगर पूरी संख्या जोड़ी जाए तो लगभग 9 लाख 50 हाजर लोगों को या तो लाया जा चुका है, या लाने वाले हैं। अन्य प्रदेशों से प्रदेश की सीमा में पैदल, दो पहिया वाहन और ट्रक के जरिए किसी भी प्रवासी व्यक्ति आने की अब इजाजत नहीं होगी।
बता दे, प्रदेश के मुखिया के तौर पर सीएम योगी ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार प्रवासी श्रमिकों को ट्रेन से प्रदेश में निःशुल्क ला रही है। मुख्यमंत्री योगी प्रवासी मजदूरों को पैदल या किसी निजी वाहन से वापस न आने की अपील पहले भी कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सीमा में प्रवेश करते ही प्रवासी श्रमिकों को भोजन और पानी उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद उनकी स्क्रीनिंग करते हुए उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक ढंग से उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाए।
औरैया सड़क हादसे में 26 श्रमिकों की मौतआपको बता दे, कोरोना महामारी के कारण घर लौट रहे कामगारों पर शुक्रवार रात 2:55 बजे यूपी औरैया जिले के पास ढाबे पर खड़े ट्राले को डीसीएम ने पीछे से जबर्दस्त टक्कर मार दी थी। हादसे में 26 श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि 42 घायल हैं। पांच की हालत गंभीर बताई जा रही हैं।