राम मंदिर निर्माण / जमीन समतल करने के दौरान खुदाई में मिली देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां

देशभर में कोरोना वायरस की वजह से जारी लॉकडाउन के चौथे चरण में कंस्ट्रक्शन में रियायत दी गई हैं। इसके बाद अयोध्या में 67 एकड़ जमीन पर राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। मंदिर निर्माण के लिए जमीन समतल करने का काम शुरू हो गया हैं। इस दौरान यहां पर देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां, पुष्प कलश और नक्काशीदार खंबो के अवशेष मिले हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि अब तक जहां-जहां खुदाई हुई है, वहां से और आसपास की जगहों से बड़ी तादाद में देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां, पुष्प कलश, कलाकृतियां निकली हैं। अब तक ब्लैक टच स्टोन के सात खंबे, छह रेडसैंड स्टोन के खंबे, पांच फुट के नक्काशीनुमा शिवलिंग और मेहराब के पत्थर मिले हैं। उन्होंने कहा कि परिसर की पटाई और दर्शन मार्ग में लगे एंगल और बैरिकेडिंग को हटाने में तीन जेसीबी, एक क्रेन और 10 मजदूर लगाए गए हैं। इसके बाद यहां मंदिर के लिए प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा।
रामलला मंदिर के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के मुताबिक, जेसीबी मशीनों की सहायता से मुख्य गर्भ स्थल और इसके बगल के चबूतरे आदि के इलाके में समतलीकरण का काम करवाया जा रहा है। इसमे काफी समय भी लगेगा। उन्होने बताया कि गहरे क्षेत्र में पटाई कर समतल बनाया जा रहा है। साथ ही जहां पहले गर्भ स्थल पर राम लला विराजमान थे, वहां के लिए बने टेढे़-मेड़े दर्शन मार्ग की लोहे की गैलरीनुमा रास्ते के एंगल आदि को भी हटाकर साफ किया गया है। जिससे मंदिर क्षेत्र और इसके आसपास के इलाके को लेकर प्लैटफॉर्म तैयार हो सके।

सोशल डिस्टेसिंग का हो रहा सख्ती से पालन


चंपत राय ने बताया कि डीएम एके झा ने इस काम की मंजूरी दी है। निर्माण कार्य के दौरान कोरोना संक्रमण के मद्देनजर सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। काम के दौरान मास्क लगाना और सोशल डिस्टेसिंग का सख्ती से पालन करवाया जा रहा है। राम जन्मभूमि परिसर में 11 मई से जमीन को समतल करने और बैरीकेडिंग हटाने का काम किया जा रहा है।