अमेरिका / जुएं मारने वाली दवा से होगा कोरोना का विनाश, क्लीनिकल ट्रायल शुरू!

कोरोना वायरस से दुनिया में अब तक 43 लाख 40 हजार 58 लोग संक्रमित हो चुके हैं। दो लाख 92 हजार मौतें हो चुकी हैं, जबकि 16 लाख दो हजार 155 लोग ठीक हो चुके हैं। अमेरिका की बात करे तो यहां इस वायरस से 14,08,636 लोग संक्रमित हो चुके है। वहीं, 83,425 लोगों की जान ये वायरस ले चुका है। अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा ब्रिटेन में 32 हजार लोगों की जान गई है। यहां एक दिन में 627 लोगों की मौत हुई है। पूरी दुनिया में हाहाकार मचाने वाले कोरोना को मिटाने के लिए वैक्सीन तैयार की जा रही है। ऐसे में अमेरिका में कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए एक ऐसी दवा का क्लीनिकल ट्रायल शुरू हुआ है। यहां सिर के बालों में मौजूद जुएं मारने वाली दवा का क्लीनिकल ट्रायल शुरू हो चुका है। इससे पहले बगदाद यूनिवर्सिटी ने भी 5 मई को इसका क्लीनिकल ट्रायल शुरू किया था। डॉक्टरों का मानना है कि इस दवा से कोरोना का इलाज संभव है।
आइवरमेक्टिन नाम है दवा का

इस दवा का नाम है आइवरमेक्टिन (Ivermectin)। इस दवा को पिछले महीने अमेरिकी वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला की जांच में सफल पाया था। यानी इसने लैब में कोरोना वायरस को मार दिया था। अब इसका क्लीनिकल ट्रायल शुरू हो चुका है। अमेरिका के डॉक्टरों का कहना है कि इस दवा के साथ एजिथ्रोमाइसिन, कैमोस्टेट मीसाइलेट का भी ट्रायल होगा। इसके बाद सभी दवाओं का अलग-अलग और कॉम्बिनेशन के रूप में ट्रायल किया जाएगा। जो ज्यादा कारगर होगा उसे आगे बढ़ाया जाएगा।

अमेरिका की केंटकी यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिसिन की साइंटिस्ट और इस ट्रायल का नेतृत्व करने वाली डॉ सुसैन ऑर्नाल्ड का कहना है कि अभी तक कोई दवा ऐसी नहीं बनी है जो कोरोना वायरस को खत्म कर दे और न ही उसकी कोई वैक्सीन बनी है। इसलिए हम तीनों दवाओं का कॉम्बिनेशन और अकेल के असर को देखना चाहते हैं।

इससे पहले 5 मई को इराक में बगदाद यूनिवर्सिटी ने भी आइवरमेक्टीन दवा का क्लीनिकल ट्रायल शुरू किया था। यहां पर आइवरमेक्टीन 0.2 से करीब 50 मरीजों पर ट्रायल चल रहा है। यह ट्रायल अगस्त तक चलेगा।
ऑस्ट्रेलिया ने भी किया दावा

आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलिया में रॉयल मेलबर्न हॉस्पीटल और विक्टोरियन इंफेक्शियस डिसीज रेफरेंस लैबोरेटरी के वैज्ञानिकों ने आइवरमेक्टीन पर स्टडी की थी। यह स्टडी पिछले महीने आई थी। इसमें कहा गया था कि कोरोना वायरस को मारने में ये दवा सक्षम है।

ऑस्ट्रेलिया की स्टडी में साफ तौर पर कहा गया था कि आइवरमेक्टीन दवा से 48 घंटों के अंदर कोरोना वायरस (Covid-19) खत्म हो रहा हैं। वैज्ञानिकों ने लैब में कोरोना वायरस के ऊपर यह दवा डाली। जिसके बाद यह देखने को मिला कि पहले 24 घंटे वायरस की संख्या घट जाती है और अगले 24 घंटे में ये कोरोना वायरस को पूरी तरह से खत्म कर देती है। ये बात अमेरिका के लैब में भी पुख्ता हो चुकी है। अब क्लीनिकल ट्रायल के बाद क्या नतीजे आते हैं, ये जानना बेहद जरूरी है।