CSK Vs PBKS : धोनी ब्रिगेड का होगा राहुल के रणबाकुरों से सामना, चेन्नई दर्ज करना चाहेगी पहली जीत

इंडियन प्रीमियर लीग का 8वां मैच आज चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और पंजाब किंग्स (PBKS) के बीच खेला जाना हैं। दोनों टीम की बागड़ोर विकेटकीपर के हाथ में हैं। चेन्नई टीम अपनी पहली जीत दर्ज करना चाहेगी और पंजाब टीम जीत की लय को बरकरार रखने के लिए उतरेगी। चेन्नई को पहले मैच में दिल्ली के खिलाफ हार झेलनी पड़ी थी। वहीं, पंजाब ने राजस्थान के खिलाफ अपना पहला मैच 4 रन से जीता था। मुकाबला उसी वानखेड़े स्टेडियम में है जहां चेन्नई को हार और पंजाब को जीत मिली थी। आइये जानते हैं कौनसी टीम पड़ेगी किस पर भारी।

पावर हिटिंग न कर पाना चेन्नई की समस्या

CSK ने अपना टीम कॉम्बिनेशन चेपॉक स्टेडियम की धीमी पिच के हिसाब तैयार किया है, लेकिन इस सीजन में होम ग्राउंड पर मैच न होने से धोनी की टीम थोड़ी मुश्किल में दिख रही है। वानखेड़े की पिच आम तौर पर बल्लेबाजों के अनुकूल होती है और उसके लिहाज से चेन्नई की बल्लेबाजी थोड़ी धीमी पड़ जाती है। 2020 में भी UAE में बल्लेबाजी के लिए मददगार पिचों पर CSK की टीम संघर्ष करती दिखी थी। दूसरी ओर पंजाब की टीम के लिए इस तरह की कोई समस्या नहीं है। पंजाब का टॉप ऑर्डर काफी खतरनाक है। कप्तान राहुल के अलावा मयंक अग्रवाल, क्रिस गेल और निकोलस पूरन टॉप-4 में बल्लेबाजी के लिए आते हैं।

गेंदबाजी में दोनों टीम की अलग-अलग समस्या

गेंदबाजी के मोर्चे पर दोनों ही टीमों की अपनी-अपनी समस्याएं हैं। सपाट पिचों पर रफ्तार वाले गेंदबाज की जरूरत होती है, लेकिन चेन्नई के अधिकांश मीडियम पेसर 125-130 किलोमीटर की रफ्तार वाले हैं। वहीं, पंजाब के विदेशी गेंदबाज भारतीय पिचों के हिसाब से लेंथ एडजस्ट नहीं कर पाए हैं। रिले मेरिडिथ और जे रिचर्डसन दोनों ही राजस्थान के खिलाफ मैच में संघर्ष करते दिखे थे।

वानखेड़े के सुपरस्टार हैं राहुल

पंजाब के कप्तान केएल राहुल को वानखेड़े स्टेडियम की पिच बहुत भाती है। उन्होंने यहां पिछली 4 टी-20 पारियों में 91, 91, 100* और 94 रनों की पारी खेली है। यहां कुल 7 टी-20 पारियों में राहुल ने 71.33 की औसत से 428 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 152.85 का रहा है।

पिच और कंडीशन रिपोर्ट

इस सीजन में वानखेड़े में अब तक 6 पारियां खेली गई हैं। 4 बार 180 रन से ऊपर का स्कोर बना है। दिल्ली-राजस्थान मैच लो स्कोरिंग रहा था। पिच पर घास नहीं रही तो फिर बड़ा स्कोर बन सकता है। दोनों पारियों में शुरुआती दो-तीन ओवर स्विंग मिल सकती है। IPL के इस सीजन में वानखेडे़ में हुए 3 मैचों में फास्ट बॉलर्स ने 34 विकेट लिए हैं। लिहाजा एक बार फिर टीमों का भरोसा तेज गेंदबाजी पर ही हो सकता है।