कोरोना के कहर के बीच लंबे समय से शिक्षण संस्थान बंद पड़े हैं और ऑनलाइन कक्षाओं पर जोर दिया जा रहा हैं। लेकिन ग्रामीण इलाकों में और गरीब परिवारों के बच्चे ऑनलाइन शिक्षा की व्यवस्था नहीं कर पाते, इसलिए स्कूल खोलना जरूरी है। ऐसे में अब कैबिनेट ने स्कूल खोलने पर मुहर लगा दी हैं जिसके बाद कक्षा एक से 12वीं कक्षा तक के स्कूल 2 अगस्त से खोले जा रहे हैं। इसकी जानकारी खुद शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासारा ने कैबिनेट की बैठक के बाद ट्वीट करके दी। मंत्रिपरिषद ने स्कूल, कॉलेज खोलने पर एक्सपर्ट की राय जानी। कोरोना कोर ग्रुप के एक्सपर्ट्स ने इस पर सकारात्मक रुख दिखाया। मंत्रिपरिषद में यह सहमति बनी कि कोविड प्रोटोकॉल की पालना और सभी सावधानियों को बरतते हुए शिक्षण संस्थाओं को खोला जाए।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में स्कूल, कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में कक्षाएं शुरू करने का फैसला किया गया। कोचिंग और कॉलेज खोलने की तारीख बाद में तय होगी। मंत्रिपरिषद की बैठक में स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों सहित विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में कक्षाएं शुरू करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। एक्सपर्ट्स ने राय दी है कि छोटे बच्चों को खतरा नहीं है। कोविड प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा जाएगा। आगे कोई दिक्कत आएगी, तो देख लिया जाएगा। पर एक बार सभी कक्षाओं के बच्चों को स्कूल बुलाया जाएगा।स्कूल, कॉलेज और कोचिंग खोलने के लिए अलग से एसओपी जारी की जाएगी। गृह विभाग जल्द एसओपी जारी करेगा। शिक्षा विभाग ने 6 से 12 वीं कक्षा तक में बच्चों को स्कूल बुलाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इस पर आपत्ति की थी। शिक्षा विभाग ने इससे पहले कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों को स्कूल बुलाने का प्रस्ताव भी दिया था।