इंडी गठबंधन के प्रमुख घटक दलों में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के शरद पवार गुट के सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पार्टी की सांसद और प्रमुख नेता सुप्रिया सुले के नेतृत्व में NCP शरद पवार गुट के सभी आठ सांसद प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी और सांसदों के बीच करीब 15 से 20 मिनट तक बातचीत हुई। इस मुलाकात के दौरान सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों से जुड़े कई अहम मुद्दे प्रधानमंत्री के सामने रखे।
हालांकि, यह बैठक भले ही महाराष्ट्र के विकास और स्थानीय समस्याओं को लेकर बताई जा रही हो, लेकिन इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। खासतौर पर संभावित परिसीमन बिल को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। सियासी हलकों में चर्चा है कि NCP के शरद पवार गुट के आठों सांसद भविष्य में परिसीमन से जुड़े किसी प्रस्ताव पर केंद्र सरकार के पक्ष में खड़े हो सकते हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से इस तरह के किसी समर्थन को लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा या स्पष्ट संकेत नहीं दिया गया है।
सांसदों ने प्रधानमंत्री के सामने उठाए अपने-अपने क्षेत्र के मुद्देबैठक के दौरान NCP सांसदों ने अपने संसदीय क्षेत्रों से संबंधित अलग-अलग समस्याओं और विकास परियोजनाओं को प्रधानमंत्री के सामने रखा। बीड से सांसद बजरंग सोनवणे ने सोलापुर स्थित उजनी बांध से बीड जिले को पानी उपलब्ध कराने की मांग उठाई। उन्होंने क्षेत्र में पानी की जरूरत और उससे जुड़े मुद्दों को प्रधानमंत्री के समक्ष रखने की बात कही।
वहीं, शिरूर से सांसद अमोल कोल्हे ने नासिक-पुणे रेलवे लाइन को लेकर चल रहे विवाद और उससे जुड़े विषयों पर चर्चा की। भिवंडी से सांसद बालू मामा म्हात्रे ने नवी मुंबई एयरपोर्ट के नामकरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने एयरपोर्ट का नाम भूमिपुत्र दिवंगत नेता डीबी पाटिल के नाम पर रखने की मांग प्रधानमंत्री के सामने रखी।
बैठक में किसानों से संबंधित विभिन्न समस्याओं और महाराष्ट्र से जुड़े दूसरे विकास कार्यों पर भी बातचीत होने की जानकारी सामने आई है। सांसदों ने अपने क्षेत्रों की जरूरतों और लंबित परियोजनाओं को लेकर प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित किया।
परिसीमन बिल को लेकर क्यों तेज हुईं अटकलें?प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ NCP शरद पवार गुट के सभी आठ सांसदों की एक साथ मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को नई दिशा दे दी है। बैठक के बाद सबसे ज्यादा चर्चा परिसीमन बिल को लेकर हो रही है। राजनीतिक जानकारों और विपक्षी हलकों में यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या शरद पवार गुट के सांसद इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन कर सकते हैं।
NCP शरद पवार गुट के लोकसभा में आठ सांसद हैं। ऐसे में आठों सांसदों का प्रधानमंत्री से मिलना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इस बैठक को लेकर जो भी अटकलें लगाई जा रही हैं, उनकी फिलहाल आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।
पार्टी की ओर से लगातार यह संकेत दिया गया है कि सांसदों की प्रधानमंत्री से मुलाकात मुख्य रूप से महाराष्ट्र से जुड़े विकास कार्यों और जनता के मुद्दों को सामने रखने के लिए थी। इसलिए बैठक को किसी बड़े राजनीतिक फैसले या गठबंधन में बदलाव से जोड़कर देखना फिलहाल जल्दबाजी माना जा सकता है।
पहले भी PM मोदी से मिल चुके हैं शरद पवार और सुप्रिया सुलेप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और NCP के शरद पवार गुट के नेताओं के बीच मुलाकात का यह पहला मौका नहीं है। इससे पहले 22 जुलाई को शरद पवार और सुप्रिया सुले ने भी प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। अब पार्टी के सभी आठ सांसदों की प्रधानमंत्री के साथ बैठक ने इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक दिलचस्पी और बढ़ा दी है।
एक तरफ NCP शरद पवार गुट इंडी गठबंधन का हिस्सा है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के सांसदों की प्रधानमंत्री के साथ लगातार होने वाली मुलाकातों को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक संकेत सामने नहीं आया है, जिससे यह माना जाए कि पार्टी अपने मौजूदा गठबंधन से अलग होने की तैयारी कर रही है।
सुप्रिया सुले ने मुलाकात को लेकर क्या कहा?प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठक के बाद सुप्रिया सुले ने इसे महाराष्ट्र से जुड़े विकास कार्यों और राज्य के हित से संबंधित मुद्दों पर चर्चा बताया। उनके मुताबिक, सांसदों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं प्रधानमंत्री के सामने रखीं और केंद्र से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
सुप्रिया सुले ने इस दौरान यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी FCRA बिल का विरोध करेगी। यानी प्रधानमंत्री के साथ बैठक को लेकर राजनीतिक अटकलें भले ही तेज हों, लेकिन पार्टी ने कुछ मुद्दों पर अपना रुख साफ रखने की कोशिश की है।
सुप्रिया सुले के बयान से यह संकेत मिलता है कि NCP शरद पवार गुट फिलहाल इस बैठक को विकास और जनहित के मुद्दों तक ही सीमित बताना चाहता है। पार्टी की ओर से परिसीमन बिल को लेकर किसी तरह के समर्थन का ऐलान नहीं किया गया है।
नवनीत राणा ने कहा- महाराष्ट्र के विकास के लिए मिलना गलत नहीं
वहीं, प्रधानमंत्री मोदी और NCP सांसदों की मुलाकात को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी भी शुरू हो गई है। बीजेपी नेता नवनीत राणा ने इस मुलाकात को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर शरद पवार गुट के सांसद महाराष्ट्र के विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री से मिल रहे हैं तो इसमें किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मीडिया से बातचीत के दौरान नवनीत राणा ने कहा कि अगर शरद पवार के सांसद महाराष्ट्र की तरक्की और विकास के बारे में सोचते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर रहे हैं, तो इसे सकारात्मक नजरिए से देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, राज्य के विकास के लिए केंद्र के साथ बातचीत करना कोई गलत बात नहीं है।
हालांकि, महाराष्ट्र की राजनीति में इस मुलाकात को लेकर केवल विकास के मुद्दों तक चर्चा सीमित नहीं है। विपक्षी दलों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच इस बात को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या आने वाले समय में शरद पवार गुट और बीजेपी के बीच किसी तरह की राजनीतिक नजदीकी देखने को मिल सकती है।
क्या NCP शरद पवार गुट बदल सकता है अपना रुख?फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद NCP शरद पवार गुट का राजनीतिक रुख किस दिशा में जाता है। पार्टी के आठ सांसदों की एक साथ प्रधानमंत्री से मुलाकात ने निश्चित तौर पर राजनीतिक चर्चाओं को हवा दी है। खासकर परिसीमन बिल को लेकर उनके संभावित रुख पर सभी की नजर बनी हुई है।
हालांकि, अभी तक पार्टी की तरफ से ऐसा कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि NCP शरद पवार गुट किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की तैयारी में है। सुप्रिया सुले ने बैठक को महाराष्ट्र के विकास और स्थानीय मुद्दों से जोड़कर बताया है।
ऐसे में फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और NCP के आठ सांसदों की मुलाकात को लेकर लगाई जा रही राजनीतिक अटकलों को सिर्फ संभावनाओं के तौर पर ही देखा जा सकता है। आने वाले दिनों में परिसीमन बिल समेत अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर पार्टी का रुख सामने आने के बाद ही तस्वीर ज्यादा स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल इस बैठक ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाओं को जरूर जन्म दे दिया है।