प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी जिसका ब्यौरा जनता के सामने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को रखा। सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग से जुड़े लोगों को राहत देने की कोशिश की। लेकिन लगता है सरकार की ओर से किए गए राहत पैकेज के ऐलान से भारतीय शेयर बाजार खुश नहीं है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 600 अंक से अधिक लुढ़क कर 31 हजार 400 अंक के नीचे आ गया तो वहीं निफ्टी करीब 150 अंक लुढ़क कर 9200 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था। आज जिन कंपनी के शेयर में बिकवाली देखने को मिली वे है इंफोसिस, एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 31,344.50 के निचले स्तर को छूने के बाद 410.12 अंकों या 1.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 31,598.49 पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह एनएसई निफ्टी 115.55 अंक या 1.23% टूटकर 9,268 पर पहुंच गया। सेंसेक्स में सबसे अधिक चार प्रतिशत की गिरावट एनटीपीसी में हुई। इसके अलावा इंफोसिस, पावरग्रिड, टेक महिंद्रा, एमएंडएम, इंडसइंड बैंक और ओएनजीसी में भी गिरावट हुई। बजाज फाइनेंस, नेस्ले इंडिया, कोटक बैंक, सन फार्मा और अल्ट्राटेक सीमेंट बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
दरअसल, निवेशकों को उम्मीद थी कि सीधे तौर पर फायदा पहुंचाया जाएगा। लेकिन पहले राहत पैकेज से ऐसा लगने लगा है कि कारोबार जगत को सीधे तौर पर राहत नहीं मिलने वाली है।
बुधवार को बढ़त
इससे पहले बुधवार को शेयर बाजारों में गिरावट का सिलसिला थम गया और सेंसेक्स 637 अंक की छलांग के साथ 32,000 अंक के पार निकल गया।दिन में कारोबार के दौरान बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स एक समय 1,474.36 अंक ऊंचा चला गया था। हालांकि, बाद में मुनाफावसूली हुई और अंत में यह 637.49 अंक या 2.03 प्रतिशत की तेजी के साथ 32,008.61 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी 187 अंक या 2.03% की बढ़त के साथ 9,383.55 पर बंद हुआ।