ब्यावर: कैमिकल फैक्ट्री में खड़े टैंकर से लीक हुई नाइट्रोजन गैस, मालिक सहित तीन मरे, 60 घायल, दो गम्भीर

ब्यावर। राजस्थान के ब्यावर जिले में में सोमवार देर रात एक केमिकल फैक्ट्री में खड़े एक टैंकर से नाइट्रोजन गैस लीक होने से बड़ा हादसा हो गया। गैस की चपेट में आने से फैक्ट्री मालिक सहित तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

जिला पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह ने बताया कि गैस रिसाव की घटना देर रात बाड़िया इलाके में स्थित एक फैक्ट्री में हुई, जिसके कारण आसपास के कई लोग इससे प्रभावित हो गए और उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा।

इस घटना में फैक्ट्री के मालिक सुनील सिंघल (47) की रात में मौत हो गई, जबकि दयाराम (52) और नरेंद्र सोलंकी की आज मौत हो गई। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि नाइट्रोजन गैस लीक होने के बाद इलाके के लोगों ने उल्टी, सीने में भारीपन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की। इस पर उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो लोगों की हालत गंभीर है जिनका अजमेर के जेएलएन अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।

अधिकारी ने बताया कि फैक्ट्री के आसपास के इलाके को खाली करा दिया गया है। यह फैक्ट्री रिहायशी इलाके में चल रही थी। जिला कलेक्टर ने बिना अनुमति के चल रही फैक्ट्री का सर्वेक्षण करने के लिए नगर परिषद, राजस्व विभाग और पुलिस के अधिकारियों की कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं।

एसडीएम दिव्यांश सिंह ने कहा, जांच चल रही है। ब्यावर में ऐसी फैक्ट्रियों का सर्वेक्षण करने और नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक संयुक्त टीम बनाई जाएगी। एक एफआईआर दर्ज की गई है।

मृताश्रितों के मिले उचित मुआवजा

सरगांव ग्राम पंचायत सरपंच प्रतिनिधि गोरधन सिंह ने कहा कि दु:खांतिका में अब तक तीन लोग दम तोड़ चुके है जबकि कई गम्भीर घायल है। इसमें 60 से ज्यादा लोग जहरीली गैस से प्रभावित हुए। राज्य सरकार व जिला प्रशासन को मृताश्रितों के उचित मुआवजा के साथ सरकारी नौकरी व घायलों को उचित उपचार के साथ में मुआवजा दिया जाना चाहिए।

जिला कलक्टर ने पूछी कुशलक्षेम

अजमेर जिला कलक्टर लोक बंधु दोपहर साढ़े 12 बजे जवाहरलाल नेहरू अस्पताल पहुंचे। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया, अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविन्द खरे, उप अधीक्षक डॉ. अमितकुमार यादव समेत कई लोग मौजूद थे। जिला कलक्टर ने चिकित्सकों को मरीज को बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए।