शुक्रवार शाम से मध्य कश्मीर के बडगाम जिले से सेना का एक जवान लापता है। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू कश्मीर लाइट इंफैन्ट्री रेजीमेंट में तैनात मोहम्मद यासीन के परिवार ने पुलिस को सूचना दी कि कुछ लोग काजीपुरा चदूरा में उनके घर आए और यासीन को ले गए। यासीन छुट्टी पर घर आया था। जवान के अगवा होने की जानकारी मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों अलर्ट हो गई हैं। साथ ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा सेना ने भी अपने जवान के अगवा होने की जानकारी मिलने के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। हालांकि, अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि मोहम्मद यासिन को अगवा करने के पीछे किस आतंकी संगठन और आतंकवादियों का हाथ है। पुलिस को संदेह है कि किसी आतंकवादी संगठन ने उसका अपहरण किया होगा हालाकि अभी तक इस बात का खुलासा नही हुआ है कि मोहम्मद यासिन के अपहरण के पीछे किस आतंकी संगठन और आतंकवादियों का हाथ है।
यह घटना ऐसे मौके पर हुई है जब घाटी में तनाव अपने चरम पर है और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था की तैनाती की गई है। आए दिन सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ की जानकारी सामने आ रही है और सेना ने मिशन ऑल आउट को लेकर काफी हद तक कामयाबी भी हासिल कर ली है। सेना के हौसलों से घबराए आतंकी कायराना हरकत कर रहे हैं। बता दे, यह पहला मौका नहीं है जब छुट्टी पर घर आया सेना का जवान अगवा कर लिया गया हो। इससे पहले आतंकवादियों ने सेना के जवान औरंगजेब को घर से अगवा कर लिया था। औरंगजेब भी छुट्टियां बिताने अपने घर आए हुए थे। बाद में आतंकियों ने उनकी हत्या कर दी थी। साल 2017 में भी सेना के लेफ्टिनेंट उमर फैयाज का अपहरण हो गया था और हत्या कर दी गई थी। लेफ्टिनेंट भी छुट्टियां बिताने घर आए हुए थे।