जिले के सोलाना निवासी हवलदार अनिल धनकड़ ने 1 जून सुबह 6:30 बजे माउंट एवरेस्ट फतह किया और तिरंगा फहराया। सवेरे साढ़े छह बजे उन्होंने और उनकी टीम ने अभियान पूरा किया। उनका यह अभियान 25 मार्च 2021 को शुरू हुआ था। इसमें 8 सदस्य थे। 8 अप्रैल को यह दल माउंट एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचा। 21 अप्रैल को नेपाल की लबुचे चोटी (6119 मीटर) पर चढ़ाई की और खुद को माउंटेन की परिस्थिति के अनुसार तैयार किया। 21 मई को खराब मौसम के कारण इन्हें बेस कैंप से सीधे कैंप टू पहुंचना पड़ा। 24 मई से 28 मई तक भारी बर्फबारी के कारण कैम्प टू से 150 से अधिक पर्वतारोही वापस लौट गए, लेकिन उनकी टीम ने हिम्मत नहीं हारी और डटे रहे। 30 मई को ये लोग रवाना हुए। बीच में इन्हें कैंप थ्री में रुकना था, लेकिन वे सीधे कैंप फॉर पहुंच गए। कर्नल अमित बिष्ट, हवलदार इकबाल खान, हवलदार चंदर नेगी, महफूज इलाही भी शामिल थे।
अनिल 2002 में आठ महार रेजीमेंट में तैनात हुए। बचपन से ही पहाड़ों पर चढ़ने का शौक था। इसलिए 2009-10 में माउंटेनियरिंग का कोर्स किया। 2010 से 2017 तक हाई एल्टीट्यूड वार फेयर स्कूल हौस में इंस्ट्रक्टर के तौर पर सेवाएं दीं। इस दौरान 2011 में मचोई चोटी (5420 मीटर) 2013 में त्रिशूल चोटी (7120 मीटर) 2016 में हरमुख चोटी (5660 मीटर) 2019 में दूसरी बार त्रिशूल चोटी और मुंबा चोटी (5236 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई पूरी की। हाल फिलहाल वे नेहरू पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी में मॉन्टेनरिंग इंस्ट्रक्टर के पद पर कार्यरत हैं।