भारतीय रेलवे की हाई-प्रोफाइल ट्रेन Vande Bharat Express में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर उठे एक मामले ने बड़ा रूप ले लिया है। पटना-टाटानगर रूट पर चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों को खराब दही परोसे जाने की शिकायत सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया।
इस घटना ने इतना तूल पकड़ा कि रेलवे ने सख्त रुख अपनाते हुए अपनी सहयोगी संस्था IRCTC पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया। वहीं, कैटरिंग सेवा देने वाले ठेकेदार पर 50 लाख रुपये का भारी-भरकम दंड लगाया गया।
अमूल से भी मांगा गया स्पष्टीकरणइस पूरे मामले में अब देश की प्रमुख डेयरी कंपनी Amul भी जांच के दायरे में आ गई है। ट्रेन में परोसे गए दही की गुणवत्ता को लेकर यात्री द्वारा 15 मार्च को शिकायत दर्ज कराई गई थी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए IRCTC ने अमूल को नोटिस जारी कर पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है। रेलवे यह जानना चाहता है कि आखिर यात्रियों तक खराब गुणवत्ता का उत्पाद कैसे पहुंचा।
कैटरिंग ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाईमामले की जांच के बाद IRCTC ने संबंधित कैटरिंग ठेकेदार के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। ठेकेदार पर न सिर्फ भारी जुर्माना लगाया गया, बल्कि उसके कॉन्ट्रैक्ट को खत्म करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
इसके अलावा, उसे भविष्य में सेवाएं देने से रोकने के लिए ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जा रही है, ताकि आगे ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
रेलवे ने अपनी ही एजेंसी पर भी कसा शिकंजाइस घटना को लेकर भारतीय रेलवे ने भी सख्त संदेश देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोपरि मानते हुए IRCTC पर ही 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
यह कदम इस बात का संकेत है कि रेलवे गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं करेगा, चाहे गलती उसकी अपनी एजेंसी की ही क्यों न हो।
खाद्य गुणवत्ता को लेकर बढ़ी सख्तीरेलवे ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यात्रियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर अब और ज्यादा सख्ती बरती जाएगी। वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों में इस तरह की घटनाएं न केवल यात्रियों के अनुभव को खराब करती हैं, बल्कि रेलवे की छवि पर भी असर डालती हैं।
इसी वजह से अब इस मामले को उदाहरण बनाकर भविष्य में कैटरिंग सेवाओं की निगरानी और कड़ी की जा सकती है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके।