‘जिस-जिसने इसका विरोध किया, महिलाओं ने उसे सख्त सबक सिखाया’—PM मोदी ने किस पर साधा निशाना?

लोकसभा में महिला आरक्षण सहित तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने जोरदार तरीके से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है, जब आधी आबादी को नीति निर्माण की प्रक्रिया में बराबरी का हिस्सा देने का मौका मिला है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह कदम 25-30 वर्ष पहले ही उठा लिया जाना चाहिए था और यदि समय-समय पर इसमें सुधार होते रहते, तो स्थिति और बेहतर हो सकती थी। उन्होंने इसे भारत की विकास यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ने वाला क्षण बताया।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सभी इस महत्वपूर्ण बदलाव के साक्षी बन रहे हैं और यह अपने आप में सौभाग्य की बात है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस विषय पर हो रहा मंथन देश की राजनीति के साथ-साथ उसकी दिशा और दशा को भी प्रभावित करेगा। उनके अनुसार, विकसित भारत का अर्थ केवल बुनियादी ढांचे का विस्तार नहीं है, बल्कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत को अपनाते हुए महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करना भी उतना ही जरूरी है।
पीएम मोदी ने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर विपक्ष को अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने अतीत में महिलाओं को अधिकार देने का विरोध किया, उन्हें जनता—खासतौर पर महिलाओं—ने कभी माफ नहीं किया। उन्होंने कहा कि ऐसे दलों को चुनावों में भारी नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि, 2024 के आम चुनाव में ऐसा परिदृश्य देखने को नहीं मिला, क्योंकि इस बार किसी भी प्रमुख दल ने महिला आरक्षण का खुलकर विरोध नहीं किया।

प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सभी राजनीतिक दल मिलकर इस पहल का समर्थन करते हैं, तो इसका लाभ किसी एक पार्टी तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि यह पूरे लोकतंत्र को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि इस निर्णय का श्रेय किसी एक व्यक्ति या दल को नहीं, बल्कि पूरे देश को जाएगा। यह सभी के लिए लाभकारी साबित होगा, बशर्ते सभी मिलकर इसका समर्थन करें।

अपने भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने राजनीतिक दलों और नेताओं को एक तरह से चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग अपने राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित रखना चाहते हैं, उन्हें यह समझना होगा कि पिछले कुछ दशकों में देश की लाखों महिलाएं सशक्त और जागरूक हो चुकी हैं। वे चुनाव जीतकर नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं और अब उन्हें उच्च स्तर की राजनीति में भी स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी इस दिशा में बाधा बनने की कोशिश करेगा, उसे महिलाओं की नाराजगी का सामना करना पड़ेगा।