'US की शर्तों पर डील करना शर्मनाक, सरकार ने देश को बेच दिया', लोकसभा में राहुल गांधी का बड़ा बयान

नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के 11वें दिन लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी ने बजट पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने मार्शल आर्ट की ‘ग्रिप’ और ‘चोक’ की महत्ता से की, और इसे राजनीति के हालात से जोड़ते हुए कहा, राजनीति में भी ग्रिप होती है, लेकिन वह अक्सर दिखाई नहीं देती। उनके भाषण के दौरान आसन पर जगदंबिका पाल मौजूद थे। राहुल के ‘एपस्टीन’ शब्द का उल्लेख करते ही सदन में हंगामा देखने को मिला।

राहुल गांधी ने बजट पर क्या कहा?

भारत-US डील और किसानों का नुकसान:

राहुल गांधी ने अमेरिकी ट्रेड डील पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह समझौता बराबरी के आधार पर नहीं हुआ। उन्होंने कहा, सरकार को शर्म आनी चाहिए कि उसने देश और किसानों को बेचा। इस डील में भारतीय किसानों के हितों को कुचला गया, जैसा पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया।

अनिल अंबानी मामले पर सवाल:

उन्होंने अनिल अंबानी की जेल न जाने पर भी आपत्ति जताई। राहुल के अनुसार, अनिल अंबानी जेल में इसलिए नहीं हैं क्योंकि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है। हरदीप पुरी ने उन्हें एपस्टीन से मिलवाया।

टैरिफ और आर्थिक नुकसान:

राहुल ने कहा कि भारत-यूएस डील में भारतीय उत्पादों पर लगने वाले औसत टैरिफ को तीन फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया गया, जबकि अमेरिकी आयात पर शून्य टैरिफ लागू हुआ। उन्होंने इसे भारतीय किसानों और उद्योगों के साथ छल बताया। उन्होंने बांग्लादेशी कपड़ों पर भी अमेरिकी टैरिफ की उदार नीति का जिक्र किया।

भारतीय डेटा की अहमियत:

राहुल ने कहा, आज दुनिया AI और डेटा के युग में प्रवेश कर चुकी है। भारत के पास सबसे ज्यादा डेटा है और अमेरिकी सुपरपावर इसके लिए उसे इस्तेमाल करना चाहता है। भारतीयों की सोच और ज्ञान ही हमारी असली ताकत है। उन्होंने AI के खतरों की ओर भी इशारा किया और कहा कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की नौकरियां इसके कारण खतरे में हैं, लेकिन बजट में इस पर कोई ठोस प्रावधान नहीं है।

विश्व राजनीति और अस्थिरता:

राहुल गांधी ने दुनिया में बढ़ती अस्थिरता और युद्ध की परिस्थितियों का उल्लेख किया। उन्होंने चेतावनी दी कि भारत को इन बदलते हालातों के लिए तैयार रहना होगा।

लोकसभा में क्रिएटिव फ्रीडम:

अपने भाषण में राहुल ने कहा, मुझे क्रिएटिव फ्रीडम मिलनी चाहिए। उनका यह भाषण तब आया जब विपक्षी सदस्यों ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड यादों को उद्धृत करने की अनुमति नहीं मिलने पर विरोध जताया।

सदन और संसद परिसर में हंगामा

बजट सत्र शुरू होने के बाद से ही हंगामे जारी हैं। 2 फरवरी से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन 10 फरवरी तक लगातार चले। आज भी संसद परिसर के बाहर विपक्षी सांसद पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

कांग्रेस सांसदों पर गाली-गलौज का आरोप


संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसदों पर गाली-गलौज और अनुशासनहीनता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सीनियर कांग्रेस नेता सांसदों को भड़काते रहे। रिजिजू के अनुसार, जब स्पीकर के सामने 20-25 कांग्रेस सांसद गाली दे रहे थे, तब प्रियंका गांधी और अन्य वरिष्ठ नेता भी उन्हें बढ़ावा दे रहे थे। स्पीकर बहुत नरम आदमी हैं, नहीं तो और कठोर कदम उठाते।