अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी संघर्ष में अपनी सेना की कार्यप्रणाली को असाधारण बताया है। उन्होंने साफ-साफ कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने इस लड़ाई में अब पूरी तरह से बढ़त हासिल कर ली है। ट्रंप ने यहां तक कहा कि अगर प्रदर्शन का माप 10 में से लिया जाए तो वह 15 अंक देंगे।
युद्ध के मोर्चे पर प्रदर्शन की तारीफव्हाइट हाउस में टेक्नोलॉजी सेक्टर के बड़े नेताओं के साथ बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, “युद्ध के मोर्चे पर हमारी सेना बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। यदि आप मुझसे 10 में से रेटिंग पूछेंगे तो मैं कहूंगा लगभग 15।” उन्होंने आगे जोड़ा, “हम अब एक मजबूत स्थिति में हैं। ईरान की लीडरशिप तेजी से कमजोर हो रही है, और जो भी नेतृत्व की कोशिश करता है, उसका सफाया हो जाता है।”
यह बयान उस समय आया है जब ईरान के साथ संघर्ष अपने पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है। मिडिल ईस्ट में लगातार धमाकों की खबरें आ रही हैं और अमेरिकी व इजरायली सेनाएं मिलकर अभियान चला रही हैं।
ईरान की मिसाइल क्षमता को नष्ट करना लक्ष्यहाल ही में यह भी जानकारी मिली कि अमेरिकी सबमरीन ने श्रीलंका के पास ईरान के एक युद्धपोत को डुबो दिया। पेंटागन के अनुसार यह ऑपरेशन पूरी तरह ईरान की मिसाइल क्षमता और सैन्य ढांचे को कमजोर करने के उद्देश्य से किया गया। ट्रंप ने कहा, “उनकी बैलिस्टिक मिसाइलों का जखीरा तेजी से खत्म हो रहा है।”
राष्ट्रपति ने यह दोहराया कि ईरान पर हमला करना इसलिए जरूरी था क्योंकि वह न्यूक्लियर हथियार बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा था। उन्होंने चेतावनी दी, “यदि पागल लोग न्यूक्लियर हथियारों के नियंत्रण में आ जाएं, तो यह पूरी दुनिया के लिए खतरा बन जाएगा।”
आगे बढ़ने का संकेतअमेरिका और इजरायल की संयुक्त वायु अभियान अभी भी जारी है। ट्रंप ने स्पष्ट किया, “हम अपनी कार्रवाई जारी रखेंगे।” उनका यह भी कहना था कि अब तक हुए हमलों से ईरान की सेना पहले से काफी कमजोर हो चुकी है। हालांकि, ट्रंप ने युद्ध के बाद की रणनीति का पूरा विवरण साझा नहीं किया है।
कुछ विश्लेषक याद दिला रहे हैं कि चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने कहा था कि वे कोई नई जंग शुरू नहीं करेंगे। व्हाइट हाउस ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि क्या ईरान में कोई ‘रिजीम चेंज’ करना उनका अंतिम लक्ष्य है।
अमेरिका का भविष्य में रोलप्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लेविट ने बताया कि ट्रंप अब युद्ध के समाप्त होने के बाद अमेरिका की भूमिका को लेकर रणनीति पर विचार कर रहे हैं। कुल मिलाकर, ट्रंप का संदेश स्पष्ट है कि अमेरिका इस संघर्ष में मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है और पीछे हटने वाला नहीं है। पूरी दुनिया की निगाहें अब इस ओर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में स्थिति कैसे विकसित होती है।