राहुल गांधी में कौन सी ऐसी प्रतिभा है, जिसके लिए विदेशी विश्वविद्यालय उन्हें बुलाते हैं, भाजपा ने उठाए सवाल

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर एक बार फिर विदेश में जाकर देश की छवि को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में यह आरोप लगाया। उन्होंने तंज भरे स्वर में कहा कि राहुल गांधी का नेता प्रतिपक्ष होना भारत के लिए एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है।

त्रिवेदी ने सवाल उठाया कि कांग्रेस नेता में ऐसी कौन सी विशेष प्रतिभा है, जिसके कारण उन्हें विदेशी विश्वविद्यालय बुलाते हैं, जबकि कांग्रेस के अन्य बुद्धिमान नेताओं को यह अवसर नहीं मिलता। उन्होंने यह भी कहा कि अगर राहुल गांधी को भारत के किसी विश्वविद्यालय द्वारा आमंत्रित नहीं किया जाता, तो फिर सवाल उठता है कि उन्हें विदेश में ही क्यों बुलाया जाता है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पिछले 36 घंटे में देश में दो अलग-अलग घटनाओं ने ध्यान खींचा। पहली घटना थी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष का समारोह, जो 100 वर्षों से देश सेवा में समर्पित संगठन के रूप में आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मां भारती के अंकित चित्र वाले 100 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया। दूसरी घटना में, कांग्रेस के 140 साल पुराने नेता ने विदेश से एक बार फिर देश विरोधी बयान दिया, जो आश्चर्यजनक नहीं माना जा सकता।

त्रिवेदी ने आगे कहा कि जनवरी 2023 में ग्लोबल टाइम्स ने उल्लेख किया कि भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था में तेज़ और प्रभावी संस्थागत सुधार किए हैं, जिससे वह वैश्विक स्तर पर बहुत शक्तिशाली बन गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि राहुल गांधी जब विदेश जाते हैं, तो उन्हें भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर हुई केस स्टडी (कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी, दिसंबर 2024) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) इंडेक्स (स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी) में भारत की उपलब्धियां क्यों दिखाई नहीं देतीं। इन रिपोर्टों के अनुसार भारत एआई निवेश में शीर्ष स्थान पर और एआई जीवंतता में दुनिया के शीर्ष चार देशों में शामिल है।

त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि गांधी इसी स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में जाकर भारत के बारे में अपशब्द, अपमानजनक और निरर्थक बयान देते हैं, जबकि उन्हें देश की उपलब्धियों को साझा करने का अवसर मिल सकता था।