संसद में आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 पेश किया। इस बार के बजट भाषण में विशेष तौर पर सैलरी पाने वाले और मिडिल क्लास के लिए कई अहम घोषणाएं की गईं, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो और रोजमर्रा के खर्चों में संतुलन बना रहे।
निर्मला सीतारमण की ये घोषणाएं इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि आगामी वित्तीय वर्षों के लिए इनकम टैक्स स्लैब और स्टैंडर्ड डिडक्शन में कोई बदलाव नहीं किया गया। अब देखना यह है कि ये नए प्रस्ताव आम नागरिकों की जिंदगी पर कैसे असर डालेंगे।
नया इनकम टैक्स एक्टबजट के अनुसार, नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा। इसमें टैक्स नियमों और फॉर्म को सरल बनाने पर जोर दिया गया है। नई प्रक्रिया ऐसी तैयार की जाएगी कि आम लोग बिना किसी परेशानी के टैक्स नियमों का पालन कर सकें।
NIL डिडक्शन सर्टिफिकेट के लिए ऑटोमेटेड प्रोसेसछोटे टैक्सपेयर के लिए एक नई योजना पेश की गई है। इसके तहत नियम आधारित प्रक्रिया के जरिए वे अपने लिए ऑटोमैटिक रूप से कम या जीरो डिडक्शन सर्टिफिकेट हासिल कर सकेंगे। इससे अब मूल्यांकन अधिकारी के पास आवेदन जमा करने की जरूरत खत्म हो जाएगी।
मोटर एक्सीडेंट क्लेम पर टैक्स छूटवित्त मंत्री ने प्रस्ताव रखा है कि किसी भी व्यक्ति को मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए ब्याज पर इनकम टैक्स से छूट दी जाएगी और कोई TDS लागू नहीं होगा।
टीसीएस दरों में सुधारबजट में दो महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पहला, ओवरसीज पैकेज प्रोग्राम में टीसीएस दर को 5% और 20% से घटाकर बिना शर्त 2% करना। दूसरा, LRS स्कीम के तहत शिक्षा और मेडिकल उद्देश्यों पर टीडीएस दर को 5% से घटाकर 2% करना।
मैनपावर सप्लाई पर टीडीएसमैनपावर सेवाओं पर टीडीएस को स्पष्ट करने के लिए इसे ठेकेदारों को पेमेंट की सीमा में लाया गया। अब इन सेवाओं पर केवल 1% या 2% की दर से TDS लागू होगा।
रिवाइज्ड ITR फाइलिंग की डेडलाइन का विस्तार
संशोधित ITR फाइल करने की अंतिम तारीख को 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च करने का प्रस्ताव पेश किया गया है। इसके लिए मामूली शुल्क देना होगा।
डिपॉजिटरीज फॉर्म 15G/15H की सुविधाअब टैक्सपेयर जिनके पास कई कंपनियों में सिक्योरिटीज हैं, वे डिपॉजिटरी को निवेशक से फॉर्म 15G/15H लेकर सीधे संबंधित कंपनियों को सौंप सकते हैं।
ITR फाइलिंग की डेडलाइनITR 1 और ITR 2 फाइल करने वालों के लिए 31 जुलाई तक की डेडलाइन वैसी ही रहेगी। वहीं, नॉन-ऑडिट बिजनेस या ट्रस्ट वाले टैक्सपेयर्स को 31 अगस्त तक का समय मिलेगा।
NRI की प्रॉपर्टी बिक्री में सुविधाएनआरआई अब भारत में अपनी अचल संपत्ति बेचते समय TAN के बजाय रेजिडेंट खरीदार के PAN आधारित चालान के जरिए टीडीएस कटौती और जमा कर सकते हैं।
विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजनाविदेश में रहने वाले स्टूडेंट्स, युवा प्रोफेशनल्स और छोटे टैक्सपेयर्स के लिए छह महीने की एक बार की विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना लाई गई है। इसमें निश्चित आकार से कम आय या संपत्ति का खुलासा किया जा सकेगा।
निजी सामान पर कस्टम ड्यूटी आधीपर्सनल इस्तेमाल के लिए आयात किए गए सामान पर कस्टम ड्यूटी दर को 20% से घटाकर 10% करने का प्रस्ताव पेश किया गया है। इससे आम नागरिकों के लिए विदेशी सामान की खरीद सस्ती होगी।