IND vs PAK मैच से एक दिन पहले अनुराग ठाकुर का बड़ा बयान, बताया एशिया कप में पाकिस्तान से खेलना क्यों भारत की मजबूरी

नई दिल्ली: एशिया कप 2025 में होने वाले भारत और पाकिस्तान के हाई-वोल्टेज मुकाबले को लेकर जबरदस्त राजनीतिक बहस छिड़ गई है। इस बीच भाजपा सांसद और पूर्व खेल मंत्री अनुराग ठाकुर का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारत की भागीदारी महज़ मजबूरी नहीं, बल्कि टूर्नामेंट के नियमों से जुड़ी एक बाध्यता है। उन्होंने दोहराया कि भारत-पाकिस्तान के बीच बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भले ही टकराव हो, लेकिन द्विपक्षीय श्रृंखला को लेकर भारत का रुख बिल्कुल सख्त और अडिग है।

क्यों रद्द नहीं हुआ भारत-पाक मैच?

अनुराग ठाकुर ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया कि एसीसी या आईसीसी जैसे संगठनों द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं में शामिल होना सदस्य देशों के लिए अनिवार्य होता है। यदि भारत ऐसे टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से इनकार कर देता, तो उसे न केवल टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ता बल्कि विपक्षी टीम को वॉकओवर के जरिए अंक भी मिल जाते। उन्होंने कहा कि यह भागीदारी भारत की कूटनीति में बदलाव नहीं बल्कि खेल नियमों की बाध्यता है।

भारत का रुख अब भी वही

अनुराग ठाकुर ने साफ किया कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट की स्थिति में भारत का रुख वर्षों से बिल्कुल स्पष्ट है। उन्होंने दोहराया कि जब तक पाकिस्तान भारत पर आतंकी हमले और शत्रुतापूर्ण गतिविधियाँ बंद नहीं करता, तब तक किसी द्विपक्षीय सीरीज की संभावना नहीं है। बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट और द्विपक्षीय क्रिकेट को लेकर भारत की नीति अलग-अलग है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

विपक्ष के हमले और ठाकुर का जवाब

एशिया कप में भारत-पाक मैच खेले जाने की खबर के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और बीसीसीआई को कठघरे में खड़ा किया। एआईएमआईएम और शिवसेना (यूबीटी) ने पहलगाम आतंकी हमले का हवाला देते हुए इस मैच को रद्द करने की मांग की थी। विपक्ष का कहना था कि ऐसे हालात में पाकिस्तान के खिलाफ खेलना उचित नहीं है। इन आरोपों और सवालों के बीच ठाकुर का बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मैच रद्द करना भारत के हाथ में नहीं था और नियमों की वजह से भारत को इसमें हिस्सा लेना ही पड़ा।