वर्टिकल गार्डन तकनीक से सजेगा आपका बगीचा, बढ़ेगी पौधों की गुणवत्ता

आजकल वर्टिकल गार्डन , ग्रोथ स्प्रे जैसी नई तकनीकें पौधों की गुणवत्ता और उनकी साज-सज्जा के लिए अपनायी जा रही हैं। आपने इसका नाम सुना होगा पर इन्हें इस्तेमाल करने के फायदे हम आपको बताएंगे

ग्रोथ प्रमोटर

पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए ग्रोथ प्रमोटर नई तकनीक है। लेकिन प्राकृतिक ग्रोथ प्रमोटर का इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर है।

घर पर बनाएं

आमतौर पर चाय-पत्ती, केले के छिलके, थोड़ा सा सिरका, पानी और अंडे के छिलकों को मिलाकर मिश्रण तैयार कर सकते हैं। इसके अलावा नारियल जूट का बुरादा, वर्मीकम्पोस्ट और गोबर को बराबर मात्रा में मिलाकर ग्रोथ प्रमोटर बना सकते हैं। इनमे सब्जियों के छिलके या पत्ते भी मिला सकते हैं।

ओर्गानिक स्प्रे


इस स्प्रे का इस्तेमाल खासतौर पर पौधों में लगे कीड़ो को खत्म करने के लिए किया जाता है। ये सस्ता होने के साथ साथ जैविक भी है।इसलिए इसे इस्तेमाल करना आसान है। चाहे तो इसे घर पर भी बना सकते हैं।

पोषण के लिए ग्रीन स्टिक

पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए इन दिनों ग्रीन स्टिक इस्तेमाल की जा रही है। ये छोटी-छोटी डंडी की तरह होती है। इन्हें पौधों के आस पास मिट्टी में खड़ा दबाया जाता है। जिससे पौधों को पोषक तत्व मिलता है और उनकी ग्रोथ अछि होती है। जिन लोगो के पास समय का अभाव है उनके लिए ये तकनीक मददगार है।

वर्टिकल गार्डन

जो लोग कम जगह पर बगीचा बनाना चाहते हैं, उनके लिए वर्टीकल गार्डन अच्छा ऑप्शन है। इन्हें बहुत छोटे-छोटे गमलो में लगाने के बजाए बड़े गमलो में लगाना बेहतर है। छोटे गमलो में लगाने से इनकी उम्र कम हो जाती है। और पौधों को अच्छी तरह से पोषण नही मिल पाता।

सजावट के लिए छोटे पॉट


मेज पर पौधे सजाने के लिए टेस्ट ट्यूब आकार के पारदर्शी जार इस्तेमाल किये जा रहे हैं। इनमे वही पौधे ठहर सकते है जो धीरे धीरे बढ़ते है। हालांकि ये सिर्फ सजावट के लिहाज से बेहतर है।