रसोई में इस्तेमाल होने वाली सबसे आम चीजों में से एक Lemon है। खट्टे स्वाद वाला यह छोटा सा फल न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है बल्कि सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। नींबू में भरपूर मात्रा में Vitamin C, एंटीऑक्सीडेंट्स और कई जरूरी खनिज तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। सलाद, शरबत, चाट या कई तरह के व्यंजनों में इसका उपयोग आम तौर पर किया जाता है।
बाजार में नींबू पूरे साल उपलब्ध रहता है, हालांकि इसकी कीमत मौसम और मांग के अनुसार बदलती रहती है। कभी यह बहुत सस्ता मिल जाता है तो कभी इसके दाम काफी बढ़ जाते हैं। आपने खरीदारी करते समय यह भी नोटिस किया होगा कि बाजार में मुख्य रूप से दो तरह के नींबू दिखाई देते हैं—एक गोल आकार के और दूसरे थोड़े लंबे या अंडाकार आकार के।
दोनों प्रकार के नींबू पोषण के लिहाज से लगभग समान होते हैं, लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल जरूर आता है कि आखिर इन दोनों में से किस नींबू में ज्यादा रस निकलता है। अगर आप भी यही सोचते हैं कि लंबा नींबू बेहतर है या गोल नींबू ज्यादा रसीला होता है, तो यहां हम कुछ आसान तरीकों से यह समझने की कोशिश करेंगे कि खरीदते समय किस नींबू को चुनना बेहतर रहेगा।
1. आकार और वजन से पहचाननींबू खरीदते समय उसका आकार ही सब कुछ तय नहीं करता। कई बार छोटा दिखने वाला नींबू भी काफी रसीला निकल सकता है। आम तौर पर गोल नींबू में लंबे नींबू की तुलना में थोड़ा अधिक रस मिलने की संभावना मानी जाती है, लेकिन यह पूरी तरह आकार पर निर्भर नहीं करता।
सबसे आसान तरीका है उसका वजन महसूस करना। अगर कोई नींबू आकार में छोटा है लेकिन हाथ में उठाने पर भारी महसूस होता है, तो समझ लीजिए कि उसके अंदर रस की मात्रा अधिक हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ज्यादा वजन का मतलब है कि फल के अंदर पल्प और जूस ज्यादा मौजूद है।
2. छिलके की बनावट भी बताती है राजनींबू का छिलका देखकर भी काफी हद तक अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसमें रस कितना होगा। जिस नींबू का छिलका पतला और चिकना दिखाई देता है, वह आमतौर पर ज्यादा रसीला होता है। ऐसे नींबू को काटने पर अंदर से अच्छा खासा जूस निकलता है।
इसके विपरीत, जिन नींबुओं का छिलका मोटा, खुरदरा या बहुत सख्त होता है, उनमें अक्सर रस कम निकलता है। ऐसे नींबू में छिलके की मात्रा ज्यादा और अंदर का रस अपेक्षाकृत कम होता है। इसलिए खरीदते समय हमेशा चिकने और पतले छिलके वाले नींबू को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है।
3. रंग भी देता है संकेतनींबू का रंग भी उसकी गुणवत्ता और रस की मात्रा के बारे में संकेत देता है। गहरे पीले रंग का नींबू आमतौर पर पूरी तरह पका हुआ माना जाता है और उसमें रस भरपूर होता है।
अगर नींबू का रंग हल्का हरा या पीले और हरे के बीच का दिखाई दे रहा है, तो इसका मतलब हो सकता है कि वह अभी पूरी तरह पका नहीं है। ऐसे नींबू में खट्टापन ज्यादा हो सकता है लेकिन रस की मात्रा कम निकल सकती है।
आखिर लंबा या गोल—कौन बेहतर?असल में नींबू का आकार ही यह तय नहीं करता कि उसमें कितना रस होगा। कई बार गोल नींबू ज्यादा रसीला निकलता है, लेकिन लंबे नींबू में भी अच्छा खासा जूस मिल सकता है। इसलिए खरीदते समय आकार के बजाय वजन, छिलके की बनावट और रंग जैसी बातों पर ध्यान देना ज्यादा फायदेमंद होता है।
एक और आसान तरीका यह है कि नींबू को इस्तेमाल करने से पहले उसे हल्के हाथों से टेबल या प्लेट पर रोल कर लें। हथेली से दबाते हुए ऐसा करने से अंदर के रेशे थोड़ा टूट जाते हैं और नींबू को काटने पर रस आसानी से बाहर निकल आता है।