होली त्योहार का मौसम खुशियों, रंगों और स्वादिष्ट व्यंजनों का प्रतीक होता है। रंगों में खेलना सबको पसंद है, लेकिन आजकल बाजार में मिलने वाले चमकदार गुलाल और रंगों में खतरनाक केमिकल्स छिपे होते हैं। ये नकली रंग सिर्फ आपकी स्किन को ही नहीं, बल्कि आंखों, बालों और पूरे शरीर को नुकसान पहुँचा सकते हैं। इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि कैसे पहचाने असली और नकली गुलाल और किन बातों का रखें ध्यान।
नकली गुलाल के नुकसान
सस्ते और सिंथेटिक रंगों में अक्सर शीशा (Lead), मरकरी, क्रोमियम और छोटे-छोटे कांच के कण मिलाए जाते हैं। इनसे स्किन पर खुजली, लाल चकत्ते या रैशेज़ आ सकते हैं। आंखों में जलन, पानी आना, और कुछ मामलों में सांस लेने में दिक्कत भी हो सकती है। इसलिए नकली गुलाल से हमेशा बचना चाहिए।
असली और नकली गुलाल की पहचान1. सूंघकर जांचेंअसली या ऑर्गेनिक गुलाल की खुशबू हल्की और फूलों जैसी होती है। अगर गुलाल से पेट्रोल, मिट्टी का तेल या तेज़ रासायनिक गंध आ रही हो, तो वह मिलावटी है।
2. पानी में घोलकरथोड़ा सा रंग एक गिलास पानी में डालें। अगर रंग पानी में पूरी तरह घुल जाता है और कोई भारी कण नहीं बैठते, तो यह सुरक्षित हो सकता है। यदि रंग पानी की सतह पर तैरता है या नीचे कांच जैसी चीजें बैठती हैं, तो उसे तुरंत फेंक दें।
3. रगड़कर महसूस करेंअसली गुलाल बहुत मुलायम और बारीक होता है। अगर रगड़ने पर यह दरदरा लगे या चमकते बारीक कण दिखें, तो यह स्किन को नुकसान पहुँचा सकता है।
4. पैकेट लेबल देखेंखरीदते समय पैकेट पर Herbal या Organic लिखा हो और सामग्री में हल्दी, चंदन या फूलों का प्रयोग हो। ऐसे गुलाल ही खरीदें।
होली खेलने से पहले अपनाएं ये सेफ्टी टिप्स1. तेल लगाएंस्किन और बालों पर नारियल या सरसों का तेल लगाएं। यह रंग को बालों और त्वचा में गहराई तक जाने से रोकता है।
2. आंखों की सुरक्षाकॉन्टैक्ट लेंस बिल्कुल न पहनें। धूप का चश्मा पहनकर रखें, यह आंखों को रंगों से बचाने के साथ-साथ स्टाइल भी देगा।
3. कपड़े ढककर पहनेंहोली खेलते समय फुल स्लीव्स वाली शर्ट और लंबी पैंट पहनें। इससे शरीर के अधिक हिस्से सुरक्षित रहते हैं।
4. रंग निकालने का तरीकाहोली के बाद रंग ज़बरदस्ती न निकालें। अगर रंग आसानी से नहीं निकल रहा है, तो स्किन को जोर से न रगड़ें। इसके बजाय बेसन, दही या तेल का उपयोग करें और धीरे-धीरे रंग हटा लें।