कई बार जब काफी देर तक कुछ खाया नहीं होता तो पेट से गुड़गुड़ या गुर्राने जैसी आवाज आने लगती है। अक्सर इसे सीधे भूख से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन पेट में होने वाली यह आवाज केवल भूखे रहने का संकेत नहीं होती। इसके पीछे पाचन तंत्र में चल रही सामान्य गतिविधियां भी जिम्मेदार हो सकती हैं।
मेडिकल भाषा में आंतों और पेट से आने वाली इन आवाजों को borborygmi कहा जाता है। दरअसल, हमारा पाचन तंत्र लगातार काम करता रहता है। पेट और आंतों की मांसपेशियां सिकुड़ती और फैलती हैं, जिससे भोजन, तरल और गैस पाचन तंत्र में आगे बढ़ते हैं। इसी गतिविधि से कई बार आवाज पैदा होती है।
खाली पेट आवाज ज्यादा क्यों सुनाई देती है?जब पेट खाली होता है तो उसमें ठोस भोजन की मात्रा कम रहती है। ऐसे में पेट और आंतों में मौजूद तरल तथा गैस की आवाज ज्यादा स्पष्ट सुनाई दे सकती है। पेट और आंतों की मांसपेशियों की गतिविधि तब भी जारी रहती है, जब आपने कुछ समय से खाना नहीं खाया हो।
यही कारण है कि कई लोगों को खाना खाने के कुछ घंटे बाद या अगली meal से पहले पेट में तेज गुड़गुड़ सुनाई देती है। Cleveland Clinic के अनुसार, भूख के साथ पेट में होने वाली यह आवाज आमतौर पर शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया होती है।
सिर्फ भूख नहीं, पाचन भी है वजहपेट की आवाज को केवल इस बात का संकेत नहीं माना जा सकता कि व्यक्ति को खाना चाहिए। खाना खाने के बाद भी पेट और आंतों में आवाजें आ सकती हैं।
जब भोजन पाचन तंत्र से गुजरता है तो मांसपेशियां उसे आगे बढ़ाने का काम करती हैं। इस दौरान भोजन, तरल और गैस की हलचल से आवाज पैदा हो सकती है। अगर आवाज पेट के निचले हिस्से से आ रही है तो यह आंतों के अंदर भोजन और तरल के आगे बढ़ने से भी जुड़ी हो सकती है।
गैस से भी बढ़ सकती है गुड़गुड़पाचन तंत्र में गैस का होना सामान्य है। खाना खाते या पीते समय कुछ हवा निगलना स्वाभाविक है। इसके अलावा बड़ी आंत में मौजूद बैक्टीरिया ऐसे कार्बोहाइड्रेट को तोड़ते हैं जिन्हें छोटी आंत पूरी तरह पचा नहीं पाती। इस प्रक्रिया में गैस बन सकती है।
जब गैस आंतों में आगे बढ़ती है तो पेट में आवाजें सुनाई दे सकती हैं। जल्दी-जल्दी खाना या पीना, chewing gum चबाना और carbonated drinks लेने से कुछ लोगों में ज्यादा हवा निगलने के कारण गैस बढ़ सकती है।
कुछ खाने की चीजें भी हो सकती हैं जिम्मेदारकुछ खाद्य पदार्थ पाचन तंत्र में ज्यादा गैस बनने की वजह बन सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति का शरीर किसी खास carbohydrate को ठीक से पचा नहीं पाता तो उसके बाद गैस, पेट फूलना और गुड़गुड़ जैसी शिकायत हो सकती है।
उदाहरण के लिए lactose intolerance में दूध या दूध से बनी चीजें लेने के बाद कुछ लोगों को पेट में आवाज, गैस, पेट फूलना, दस्त या पेट दर्द हो सकता है। NIDDK के अनुसार lactose intolerance वाले लोगों में ये लक्षण दूध या lactose वाले खाद्य पदार्थ लेने के कुछ घंटों के भीतर दिखाई दे सकते हैं।
तनाव और खाने की आदत का भी असरभूख और पेट की आवाज के बीच संबंध सिर्फ पेट तक सीमित नहीं है। पाचन तंत्र और दिमाग के बीच लगातार signals का आदान-प्रदान होता रहता है। शरीर के hormones और nerves पाचन, भूख और पेट भरा होने की प्रक्रिया को नियंत्रित करने में भूमिका निभाते हैं।
अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक खाना नहीं खाता, भोजन का समय लगातार बदलता रहता है या पर्याप्त मात्रा में खाना नहीं लेता, तो उसे भूख और पेट की आवाज ज्यादा महसूस हो सकती है। पर्याप्त protein, fiber और healthy fat न लेने से भी कुछ लोगों को जल्दी भूख लग सकती है।
क्या हर बार पेट की गुड़गुड़ सामान्य है?अकेले पेट से आवाज आना आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती। अगर व्यक्ति को कोई दूसरा लक्षण नहीं है और सामान्य रूप से खाना पच रहा है, तो ऐसी आवाज पाचन तंत्र की सामान्य गतिविधि का हिस्सा हो सकती है।
लेकिन अगर गुड़गुड़ के साथ लगातार पेट दर्द, बहुत ज्यादा पेट फूलना, दस्त, कब्ज, उल्टी, वजन कम होना या मल में खून जैसी समस्या भी हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। Mayo Clinic के अनुसार लगातार या गंभीर गैस की समस्या के साथ उल्टी, दस्त, कब्ज, अनजाने में वजन कम होना या मल में खून जैसे लक्षण हों तो चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
कब हो सकती है किसी बीमारी की ओर इशारा?अगर पेट की आवाज के साथ बार-बार पेट फूलता है, दर्द रहता है या भोजन के बाद लगातार परेशानी होती है, तो इसके पीछे lactose intolerance, irritable bowel syndrome जैसी पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में छोटी आंत में बैक्टीरिया की संख्या या प्रकार में बदलाव, जिसे small intestinal bacterial overgrowth यानी SIBO कहा जाता है, भी पेट फूलने, गैस और अन्य पाचन संबंधी लक्षणों से जुड़ा हो सकता है।
हालांकि केवल पेट की आवाज के आधार पर किसी बीमारी का अनुमान लगाना सही नहीं है। इसके लिए दूसरे लक्षणों और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की जांच को ध्यान में रखना जरूरी होता है।
पेट की गुड़गुड़ कम करने के लिए क्या करें?अगर आवाज भूख या सामान्य पाचन की वजह से आती है तो नियमित समय पर संतुलित भोजन लेना मददगार हो सकता है। खाना धीरे-धीरे खाएं और अच्छी तरह चबाएं। बहुत तेजी से खाने-पीने से ज्यादा हवा निगली जा सकती है, जिससे गैस और पेट की आवाज बढ़ सकती है।
अगर किसी खास खाने के बाद बार-बार पेट फूलना, गैस या गुड़गुड़ की शिकायत होती है तो उस भोजन और लक्षणों के बीच संबंध पर ध्यान दें। लेकिन बिना वजह लंबे समय तक किसी खाद्य पदार्थ को अपनी diet से हटाने के बजाय डॉक्टर या dietitian से सलाह लेना बेहतर है।
कुल मिलाकर, खाली पेट पेट का गुड़गुड़ाना ज्यादातर मामलों में शरीर की सामान्य प्रक्रिया है। इसका संबंध पेट और आंतों की मांसपेशियों की हलचल, भोजन-तरल के आगे बढ़ने और गैस की आवाज से हो सकता है। इसलिए सिर्फ पेट में आवाज आने का मतलब यह नहीं है कि कोई बीमारी है। समस्या तब मानी जाती है जब इसके साथ लगातार या गंभीर दूसरे लक्षण भी मौजूद हों।
यह भी पढ़ें - शराब पीने के बाद उपद्रव क्यों करने लगते हैं लोग? जानें दिमाग पर क्या होता है असर