मुंह से संबंधित कई समस्याओं का इलाज है ऑइल पुल्लिंग, जानें इसे कैसे करे

ऑयल पुलिंग का मतलब है 'तेल से कुल्ला' करना। यह कोई नवीनतम तकनीक या विधि नहीं है बल्कि यह एक प्राचीनतम आयुर्वेदिक तकनीक है। आयुर्वेद में हमारे पेट और मुंह को बहुत अहम माना गया है। माना जाता है कि अगर आपका पेट और मुंह स्वस्थ है तो फिर आपका पूरा शरीर स्वस्थ है। ऑयल पुलिंग मौखिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए एक प्राचीन आयुर्वेदिक उपचार है। इसमें तरह-तरह के तेलों का उपयोग करके मुंह से संबंधित कई समस्याओं का इलाज किया जाता है।

ऑयल पुलिंग कैसे करें

सामग्री:

एक बड़ा चम्मच तिल का तेल
सूरजमुखी का तेल
नारियल का तेल

विधि:


- सुबह नाश्ते से लगभग 20 मिनट पहले पालथी मारकर बैठ जाएं।
-अब अपनी ठोड़ी को ऊपर की ओर करके लगभग एक बड़ा चम्मच ऊपर बताया गया कोई भी तेल अपने मुंह में लें।
- फिर मुंह बंद करें और थोड़ा जोर लगाकर तेल को अच्छी तरह मुंह के अंदर घुमाएं।
-इस बात का ध्यान रहे कि तेल को निगलना नहीं है, क्योंकि इसमें बैक्टीरिया के साथ-साथ हानिकारक विषाक्त पदार्थ हो सकते हैं, जो सेहत पर नकारात्मक प्रभाव छोड़ते हैं।
-जब तेल दूधिया सफेद हो जाए, तो इसे थूक दें।
-इसके बाद गर्म पानी या फिर सादे पानी से अच्छी तरह कुल्ला कर लें।
-कुल्ला करने के बाद पेस्ट और ब्रश से मंजन कर लें।
-इस विधि को रोजाना खाली पेट 3 बार कर सकते हैं।

ऑयल पुलिंग के फायदे

हानिकारक बैक्टीरिया को हटाए

ऑयल पुलिंग के लिए उपयोग किए जाने वाले तिल के तेल, सूरजमुखी के तेल और नारियल के तेल में एंटिबैक्टीरियल गुण होता है । तेल में पाया जाने वाला यह गुण न सिर्फ मुंह के कीटाणुओं की सफाई करने, बल्कि दांतों से प्लाक हटाने का काम भी कर सकता है।

कैविटी से बचाव

मुंह के हानिकारक बैक्टीरिया दांतों में प्लाक का कारण बनते हैं, जिससे कैविटी यानी दातों में खोखलेपन की समस्या हो जाती है । जैसा कि हमने ऊपर बताया कि ऑयल पुलिंग के लिए तिल, नारियल और सूरजमुखी के तेल का इस्तेमाल किया जाता है। इन तेलों में एंटीबैक्टीरियल गुण होता है, जो दांतों को नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया से लड़ते हैं। इससे कैविटी की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। इसके अलावा, इससे दांतों और मसूड़ों की मजबूती भी बरकरार रहती है।

मुंह की दुर्गंध दूर करे

मुंह की गंदगी, मसूड़ों की समस्या और दांतों की सड़न मुंह की दुर्गंध का कारण बनते हैं। ऑयल पुलिंग में उपयोग हाेने वाले तिल के तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-माइक्रोबियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो उपरोक्त सभी समस्याओं को दूर कर सकते हैं, जिससे मुंह की दुर्गंध से निजात मिल सकती है ।

मसूड़ों की सूजन दूर करे

तिल के तेल, सूरजमुखी के तेल और नारियल के तेल से होने वाले ऑयल पुलिंग के फायदे में मसूड़ों की सूजन को दूर करना भी शामिल है। इन तेलाें में पाए जाने वाले फैटी एसिड में 45-50 प्रतिशत लॉरिक एसिड होता है। लॉरिक एसिड में सूजन को रोकने वाले एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं। ये गुण कीटाणुओं से मसूड़ों की सुरक्षा करने के साथ ही उनकी सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।

मुंहासों की रोकथाम के लिए ऑयल पुलिंग के फायदे

ऑयल पुलिंग के लिए कई प्रकार के घरेलू खाद्य तेलों का उपयोग किया जाता है। इन्हीं में से एक है तिल का तेल। तिल में मौजूद विटामिन-ई त्वचा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस तेल से की गई ऑयल पुलिंग प्रक्रिया मुंहासों से निजात दिलाने में मदद कर सकती है। हालांकि, इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है ।

शरीर की ऊर्जा को बढ़ाने के लिए

ऑयल पुलिंग के फायदों में एक यह भी है कि इससे शरीर की ऊर्जा को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। ऑयल पुलिंग शरीर के चयापचय को बढ़ाने का काम करता है । बढ़ा हुआ चयापचय शरीर की ऊर्जा को बढ़ाने में विशेष योगदान दे सकता है ।