30 की उम्र के बाद कमजोरी और थकान से बचना है तो डाइट में शामिल करें ये हाई प्रोटीन फूड्स

उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। खासतौर पर 30 की उम्र के बाद मांसपेशियों से जुड़ी कमजोरी धीरे-धीरे महसूस हो सकती है। संदर्भ सामग्री के अनुसार, हर 10 साल में मसल्स मास में 3 से 5 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इस स्थिति को सारकोपेनिया कहा जाता है। इसका असर बढ़ने पर सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में परेशानी या हाथों की पकड़ कमजोर होने जैसी दिक्कतें महसूस हो सकती हैं।

ऐसे में डाइट में पर्याप्त प्रोटीन शामिल करना महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत और मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। रोजमर्रा के भोजन में कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं, जिनसे प्रोटीन की अच्छी मात्रा मिलती है।

काला चना है प्रोटीन से भरपूर विकल्प


काला चना प्रोटीन के साथ आयरन का भी स्रोत है। दी गई जानकारी के मुताबिक 100 ग्राम काले चने में करीब 22 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। इसे रातभर भिगोकर सुबह उबालकर खाया जा सकता है। संदर्भ सामग्री में 50 ग्राम चने को भिगोकर सेवन करने का तरीका बताया गया है।

अंडे से मिलते हैं जरूरी अमीनो एसिड

अंडे को प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें शरीर के लिए जरूरी अमीनो एसिड पाए जाते हैं। डाइट में अंडे को शामिल करना मांसपेशियों को मजबूत रखने और शरीर को ऊर्जा देने में मददगार माना जाता है।
मूंग दाल पचने में आसान

जिन लोगों की पाचन क्षमता कमजोर रहती है, उनके लिए मूंग दाल एक विकल्प हो सकती है। दी गई सामग्री के अनुसार, 100 ग्राम मूंग दाल में करीब 24 ग्राम प्रोटीन होता है। इसे आसानी से पचने वाली दाल के तौर पर बताया गया है। गैस जैसी परेशानी होने पर चने की जगह मूंग दाल को डाइट में शामिल करने का सुझाव दिया गया है।

शाकाहारियों के लिए पनीर

पनीर उन लोगों के लिए प्रोटीन का अच्छा विकल्प है जो मांसाहारी खाद्य पदार्थ नहीं खाते। इसमें प्रोटीन के अलावा कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व हड्डियों और मांसपेशियों के लिए उपयोगी माने जाते हैं।

सोयाबीन में प्रोटीन की अच्छी मात्रा

सोयाबीन भी प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का प्रमुख स्रोत है। संदर्भ सामग्री के मुताबिक 100 ग्राम सोयाबीन में लगभग 36 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। इसे शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का अच्छा विकल्प बताया गया है।

दही को भी डाइट में करें शामिल

दही में प्रोटीन के साथ प्रोबायोटिक्स भी पाए जाते हैं। ये पाचन तंत्र के लिए उपयोगी माने जाते हैं। दी गई जानकारी के अनुसार, दही पाचन को बेहतर रखने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सपोर्ट करने में मदद कर सकता है।

प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों को बनाएं डाइट का हिस्सा


30 की उम्र के बाद शरीर में होने वाले बदलावों को देखते हुए भोजन में पर्याप्त प्रोटीन वाले विकल्प शामिल करना उपयोगी हो सकता है। काला चना, अंडे, मूंग दाल, पनीर, सोयाबीन और दही जैसे खाद्य पदार्थ रोजमर्रा की डाइट में अलग-अलग तरीकों से शामिल किए जा सकते हैं। हालांकि, किसी खास स्वास्थ्य समस्या या पोषण संबंधी जरूरत के लिए व्यक्तिगत डाइट तय करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।