70 साल की उम्र में भी दिल रहेगा तंदरुस्त, इन 5 आदतों को बनाए अपना साथी

अक्सर कहा जाता है कि उम्र महज़ एक नंबर है। अगर दिल दुरुस्त हो तो सत्तर की उम्र में भी इंसान उतना ही फुर्तीला और जोश से भरपूर रह सकता है, जितना चालीस की उम्र में। लेकिन सच यह है कि बढ़ती उम्र के साथ दिल को लेकर ज़रा-सी लापरवाही भी बड़ी बीमारियों का कारण बन सकती है। ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़, मोटापा, टेंशन और असंतुलित खानपान—ये सब हार्ट के दुश्मन बन जाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि सही लाइफस्टाइल अपनाकर और कुछ आसान आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर 70 साल की उम्र में भी दिल को मज़बूत और स्वस्थ रखा जा सकता है। आइए जानते हैं वे पाँच ज़रूरी टिप्स, जिन्हें अपनाकर दिल को लंबे समय तक फिट रखा जा सकता है।

1. रोज़ाना हल्की-फुल्की एक्टिविटी करें

उम्र चाहे कितनी भी हो, शरीर को हर दिन थोड़ा-बहुत एक्टिव रखना बेहद ज़रूरी है। सत्तर की उम्र में भी आप हल्की कसरतें जैसे सुबह-शाम की सैर, प्राणायाम, योग, हल्की स्ट्रेचिंग या घर के छोटे-छोटे काम कर सकते हैं। ये न सिर्फ़ ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाते हैं बल्कि हार्ट की मांसपेशियों को मजबूत रखते हैं और फैट को जमा होने से रोकते हैं।
- इसके अलावा, एक्सरसाइज करने से नींद की क्वालिटी बेहतर होती है और मानसिक सुकून भी मिलता है।
- सुबह की ताज़ा हवा में टहलना फेफड़ों को ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति देता है, जो दिल की कार्यक्षमता को बढ़ाता है।
- अगर आप जिम या भारी व्यायाम नहीं कर सकते तो घर पर ही चेयर योगा, सांस लेने की तकनीकें और हड्डियों को लचीला रखने वाले स्ट्रेचिंग अभ्यास काफी लाभकारी हैं।

2. भोजन रखें संतुलित और आसान

बढ़ती उम्र में पाचन शक्ति धीमी हो जाती है, इसलिए खाने का चुनाव बेहद सोच-समझकर करें। प्लेट में मौसमी फल, हरी सब्ज़ियाँ, दालें, ओट्स, सलाद और नट्स ज़रूर शामिल करें। तली-भुनी और बहुत मसालेदार चीज़ों से दूरी बनाए रखें। नमक और शुगर का सेवन सीमित करना ज़रूरी है क्योंकि यही आदतें ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ जैसी बीमारियों को कंट्रोल में रखकर दिल को सुरक्षित रखती हैं।
- छोटी-छोटी और बार-बार खाने की आदत अपनाएं ताकि पाचन आसान हो सके और एनर्जी लेवल संतुलित रहे।
- ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर चीज़ें (जैसे अखरोट, अलसी के बीज, मछली) दिल को मज़बूती देती हैं।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, क्योंकि डिहाइड्रेशन भी दिल पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।

3. तनाव से बनाएं दूरी

तनाव दिल का सबसे बड़ा दुश्मन है। छोटी-सी चिंता भी दिल की धड़कनों को असामान्य कर सकती है। इस उम्र में मानसिक सुकून बेहद अहम है। मेडिटेशन करें, अच्छा संगीत सुनें, अपनी पसंदीदा हॉबीज़ को समय दें और सबसे ज़रूरी—हंसने की आदत डालें। पॉज़िटिव सोच और परिवार व दोस्तों के साथ बिताए खुशनुमा पल दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखते हैं।
- रोज़ाना 10-15 मिनट ध्यान (Meditation) करने से दिमाग शांत होता है और स्ट्रेस हार्मोन का स्तर कम हो जाता है।
- मानसिक शांति के लिए गार्डनिंग, पेंटिंग, राइटिंग या किसी भी शौक को समय देना बेहद फायदेमंद है।
- ‘हंसी योग’ भी एक असरदार तरीका है, जिससे दिल पर सकारात्मक असर पड़ता है और मूड बेहतर होता है।

4. नींद को दें भरपूर महत्व


सही नींद सिर्फ दिमाग़ नहीं, बल्कि दिल की भी सेहत संभालती है। उम्र बढ़ने के साथ बहुत-से लोग ठीक से नहीं सो पाते, लेकिन रोज़ाना कम से कम 6-7 घंटे की नींद बेहद ज़रूरी है। गहरी नींद लेने से ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है, शरीर को आराम मिलता है और दिल पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता।
- सोने से पहले मोबाइल या टीवी का इस्तेमाल कम करें क्योंकि ब्लू लाइट नींद की क्वालिटी को बिगाड़ती है।
- नियमित समय पर सोने और उठने की आदत डालें ताकि बॉडी क्लॉक सही ढंग से काम करे।
- रात को भारी और तैलीय भोजन से बचें, हल्की सैर के बाद सोना नींद को और बेहतर बना सकता है।

5. नियमित हेल्थ चेकअप करवाते रहें

दिल की सेहत के लिए सबसे सरल और प्रभावी उपाय है—नियमित जांच। समय-समय पर ईसीजी, ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच करवाते रहें। शुरुआती स्तर पर समस्या का पता चलने पर उसका इलाज आसान हो जाता है और बड़ा खतरा बनने से पहले ही उसे रोका जा सकता है।
- साल में कम से कम दो बार कार्डियोलॉजिस्ट से परामर्श लेना फायदेमंद है।
- जिन लोगों को पहले से डायबिटीज़, हाई बीपी या मोटापे की समस्या है, उन्हें नियमित रूप से मॉनिटरिंग करनी चाहिए।
- जीवनशैली में छोटे बदलावों के साथ-साथ डॉक्टर की सलाह पर दवाइयों को समय पर लेना और उनका पालन करना भी बेहद ज़रूरी है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।