लिवर शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है और इसे स्वस्थ रखने के लिए केवल किसी डिटॉक्स प्रोडक्ट या सप्लीमेंट पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, संतुलित डाइट के साथ कुछ ऐसे पेय भी लिए जा सकते हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इनमें माचा और ग्रीन टी, ब्लैक कॉफी, ब्लैक टी, चुकंदर का जूस, अनार का जूस और बिना चीनी की बेरी स्मूदी शामिल हैं।
हालांकि, इन ड्रिंक्स को लिवर की किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। इनका सेवन हेल्दी डाइट के हिस्से के तौर पर किया जा सकता है। साथ ही पेय पदार्थों में अतिरिक्त चीनी या ज्यादा क्रीम मिलाने से बचना बेहतर है।
माचा और ग्रीन टीमाचा और ग्रीन टी में कैटेचिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इन्हें संतुलित मात्रा में डाइट में शामिल किया जा सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनका सेवन लिवर एंजाइम को बेहतर रखने और लिवर में फैट कम करने में मदद कर सकता है।
ग्रीन टी लेते समय इसमें जरूरत से ज्यादा चीनी मिलाने से बचना बेहतर विकल्प माना जाता है।
ब्लैक कॉफी भी हो सकती है विकल्पब्लैक कॉफी में कई बायोएक्टिव कंपाउंड मौजूद होते हैं। ये लिवर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा ब्लैक कॉफी को लिवर में सूजन और फाइब्रोसिस कम करने में मददगार बताया गया है।
अगर आप कॉफी पीते हैं तो इसे ब्लैक रूप में लेना बेहतर हो सकता है। इसमें ज्यादा चीनी या क्रीम डालने से बचने की सलाह दी गई है।
ब्लैक टी को भी डाइट में कर सकते हैं शामिलब्लैक टी में पॉलीफेनोल और दूसरे एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड पाए जाते हैं। सीमित मात्रा में इसका सेवन संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, चाय में अतिरिक्त चीनी मिलाने से बचना बेहतर है।
इस तरह ब्लैक टी को ज्यादा मीठा किए बिना लेना लिवर को ध्यान में रखते हुए डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
चुकंदर का जूस या साबुत चुकंदरचुकंदर में बीटालेंस जैसे एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड पाए जाते हैं। इसका जूस पोषक तत्वों को डाइट में शामिल करने का एक तरीका है। हालांकि, साबुत चुकंदर खाने का एक अतिरिक्त फायदा यह है कि इससे फाइबर भी मिलता है।
इसलिए केवल जूस पर निर्भर रहने के बजाय डाइट में साबुत चुकंदर को भी शामिल किया जा सकता है।
अनार का जूसअनार पॉलीफेनोल और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल है। इसे संतुलित डाइट में शामिल किया जा सकता है। अगर आप अनार का जूस लेते हैं तो बिना अतिरिक्त चीनी वाला विकल्प चुनना बेहतर रहेगा।
अनार को साबुत फल के रूप में खाना भी डाइट में इसे शामिल करने का एक तरीका है।
बेरी स्मूदी भी अच्छा विकल्पस्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और रास्पबेरी जैसी बेरीज में एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर पाए जाते हैं। इन्हें बिना अतिरिक्त चीनी के दही या दूध के साथ मिलाकर स्मूदी तैयार की जा सकती है।
हालांकि, बेरीज को साबुत खाना जूस की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकता है, क्योंकि इससे फाइबर भी मिलता है। स्मूदी बनाते समय अतिरिक्त चीनी डालने से बचना चाहिए।
सिर्फ ड्रिंक्स पर निर्भर रहना पर्याप्त नहींलिवर को हेल्दी रखने के लिए केवल इन पेय पदार्थों को डाइट में शामिल करना ही पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए। इसके साथ संतुलित और पौष्टिक भोजन लेना, वजन या मोटापे को नियंत्रण में रखना, शराब से दूरी बनाए रखना और नियमित एक्सरसाइज करना भी जरूरी है।
इसलिए इन ड्रिंक्स को किसी विशेष लिवर डिटॉक्स उपचार के तौर पर देखने के बजाय हेल्दी लाइफस्टाइल और संतुलित डाइट का हिस्सा बनाना बेहतर है।