सुबह के नाश्ते में दलिया खाने से शरीर पर पड़ता है ये असर, फायदे जानकर आप भी डाइट में करेंगे शामिल

सुबह की शुरुआत अगर सेहतमंद हो, तो पूरा दिन एनर्जी से भरा रहता है। यही वजह है कि न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स ब्रेकफास्ट में दलिया खाने की सलाह देते हैं। शायद आप यह नहीं जानते होंगे कि रोजाना सुबह एक कटोरी दलिया खाने से शरीर पर कई सकारात्मक असर देखने को मिल सकते हैं। कुछ ही हफ्तों में आपको खुद फर्क महसूस होने लगेगा। अगर दलिया सही मात्रा में और हेल्दी तरीके से तैयार करके खाया जाए, तो यह आपकी ओवरऑल हेल्थ को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। आइए जानते हैं कि सुबह-सुबह दलिया खाने से शरीर को कौन-कौन से फायदे मिलते हैं…

पाचन तंत्र को करता है मजबूत

दलिया फाइबर का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर आंतों की सफाई में मदद करता है और पाचन को दुरुस्त रखता है। कब्ज की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए दलिया किसी रामबाण से कम नहीं है। सुबह दलिया खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है और दिनभर सुस्ती या कमजोरी महसूस नहीं होती। नियमित सेवन से गट हेल्थ में सुधार देखा जा सकता है, जिससे शरीर पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित करता है।

वजन घटाने में देता है साथ

अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो दलिया को अपने डाइट प्लान में जरूर शामिल करें। फाइबर से भरपूर होने की वजह से दलिया खाने के बाद जल्दी भूख नहीं लगती और ओवरईटिंग से बचाव होता है। यही कारण है कि वेट लॉस के लिए इसे एक हेल्दी ऑप्शन माना जाता है। इसके अलावा दलिया ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी मदद कर सकता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व दिल की सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं और हार्ट से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को कम कर सकते हैं।

डायबिटीज और इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद

डायबिटीज से पीड़ित लोग भी सीमित मात्रा में दलिया का सेवन कर सकते हैं, क्योंकि यह ब्लड शुगर लेवल को अचानक बढ़ने नहीं देता। दलिया में मौजूद जरूरी विटामिन और मिनरल्स हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक हो सकते हैं। इसके साथ ही यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में भी मदद करता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर उम्र के लोग दलिया को अपनी रोजमर्रा की डाइट का हिस्सा बनाकर सेहतमंद जीवन की ओर एक कदम बढ़ा सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।