क्या है OMAD डाइट? जिसे अपनाकर करण जौहर ने घटाया 20 किलो वजन, जानें मोटापा कम करने में कैसे करती है काम

तेजी से वजन घटाने के लिए आजकल लोग अलग-अलग तरह के डाइट प्लान अपनाने लगे हैं। खासतौर पर फास्टिंग आधारित डाइट को काफी प्रभावी माना जाता है। इंटरमिटेंट फास्टिंग से लेकर OMAD डाइट तक, कई ऐसे प्लान हैं जो कम समय में वजन घटाने का दावा करते हैं। हाल के वर्षों में कई सेलिब्रिटी भी इन डाइट ट्रेंड्स को अपनाकर फिटनेस हासिल कर चुके हैं। मशहूर फिल्म निर्माता करण जौहर भी उन्हीं में से एक हैं, जिन्होंने OMAD डाइट को अपनाकर अपना वजन काफी हद तक कम किया।

बताया जाता है कि करण जौहर ने इस खास डाइट प्लान की मदद से लगभग 7 महीनों में करीब 20 किलो वजन घटाया। उनकी इस ट्रांसफॉर्मेशन के बाद OMAD डाइट को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता बढ़ गई है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर OMAD डाइट क्या होती है, इसे कैसे फॉलो किया जाता है और वजन घटाने में यह कितनी प्रभावी मानी जाती है।

क्या होती है OMAD डाइट

OMAD का पूरा नाम One Meal A Day है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, इस डाइट प्लान में व्यक्ति को पूरे दिन में सिर्फ एक बार ही भोजन करना होता है। बाकी समय यानी लगभग 23 घंटे तक उपवास रखा जाता है। यह डाइट इंटरमिटेंट फास्टिंग का ही एक उन्नत और अपेक्षाकृत कठिन रूप मानी जाती है।

इस डाइट में खाने के लिए केवल लगभग 1 घंटे की विंडो तय की जाती है। इसी समय के दौरान व्यक्ति अपना मुख्य भोजन करता है। इसके अलावा बाकी समय में केवल पानी, ब्लैक कॉफी या बिना कैलोरी वाले पेय लेने की अनुमति होती है। माना जाता है कि जब शरीर लंबे समय तक फास्टिंग की स्थिति में रहता है, तो वह ऊर्जा के लिए जमा फैट को इस्तेमाल करना शुरू कर देता है। यही वजह है कि इस डाइट के साथ नियमित व्यायाम और संतुलित भोजन करने से वजन तेजी से कम हो सकता है।
करण जौहर ने कैसे कम किया वजन

करण जौहर ने एक इंटरव्यू और पॉडकास्ट में बताया था कि उन्होंने अपने वजन को कम करने के लिए कई तरह के डाइट प्लान अपनाए थे। लेकिन थायरॉइड की समस्या के कारण उनका वजन जल्दी कम नहीं हो पा रहा था। इसके बाद उन्होंने एक्सपर्ट की निगरानी में OMAD डाइट को अपनाने का फैसला किया।

इस डाइट के तहत करण जौहर दिन भर कुछ भी ठोस भोजन नहीं लेते थे और केवल एक समय पर खाना खाते थे। उन्होंने बताया कि वे आमतौर पर रात करीब 8 बजे अपना भोजन करते थे। उनके खाने में ऐसी चीजें शामिल होती थीं जिनमें लैक्टोज, ग्लूटेन और अतिरिक्त शुगर न हो। यानी उनका भोजन काफी हेल्दी और संतुलित होता था।

लगातार सात महीनों तक इस डाइट प्लान को अपनाने के बाद उन्होंने लगभग 20 किलो वजन कम कर लिया। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि शुरुआत के कुछ दिन उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण थे। पहले हफ्ते में उन्हें भूख और थकान जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन धीरे-धीरे शरीर इस रूटीन के अनुसार ढल गया।

OMAD डाइट अपनाते समय किन बातों का रखें ध्यान

OMAD डाइट काफी सख्त मानी जाती है, इसलिए इसे शुरू करने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले यह समझ लेना चाहिए कि यह डाइट हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं होती। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और डायबिटीज के मरीजों को इस तरह की डाइट से बचना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह के बिना इस डाइट को शुरू नहीं करना चाहिए।

डाइट के शुरुआती दिनों में कई लोगों को कमजोरी, चक्कर आना या थकान महसूस हो सकती है। इसलिए भोजन में कौन-सी चीजें शामिल करनी हैं, यह तय करने के लिए किसी न्यूट्रिशनिस्ट या डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर रहता है। सही पोषण के बिना लंबे समय तक फास्टिंग करना शरीर के लिए नुकसानदेह भी हो सकता है।

इसके अलावा इस डाइट को फॉलो करते समय पर्याप्त नींद लेना और तनाव से दूर रहना भी जरूरी है। शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए दिन भर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। भोजन के समय में पोषक तत्वों से भरपूर और संतुलित आहार लेना बेहद जरूरी होता है, ताकि शरीर को जरूरी ऊर्जा और पोषण मिल सके।

वजन कम करने के लिए केवल डाइट पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होता। इसके साथ नियमित शारीरिक गतिविधि और एक्सरसाइज करना भी जरूरी है। सबसे अहम बात यह है कि इस तरह की डाइट को अपनाने के लिए मजबूत इच्छाशक्ति, अनुशासन और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।

अगर बिना सोचे-समझे और अपने शरीर की जरूरतों को नजरअंदाज करके इस डाइट को अपनाया जाए, तो इसके दुष्परिणाम भी सामने आ सकते हैं। इसलिए किसी भी सख्त डाइट प्लान को शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ही सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।