लंबे समय तक बैठे रहने की आदत से बढ़ सकता है सर्वाइकल का खतरा, जानें राहत के उपाय

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग घंटों लैपटॉप और मोबाइल स्क्रीन के सामने बिताते हैं। चाहे ऑफिस वर्क हो या सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करना, बिना ब्रेक लिए लंबे समय तक बैठना हमारी सेहत के लिए बेहद हानिकारक साबित हो रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर गर्दन और रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है, जिससे सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस (Cervical Spondylosis) जैसी समस्या तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह परेशानी अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है, बल्कि 25 से 40 वर्ष की उम्र के युवाओं में भी बड़ी संख्या में देखी जा रही है।

क्यों खतरनाक है देर तक बैठे रहना?

जब हम लंबे समय तक एक ही पोजीशन में बैठते रहते हैं, तो गर्दन और रीढ़ पर लगातार दबाव पड़ता है। गलत मुद्रा (Poor Posture) और मूवमेंट की कमी मांसपेशियों को अकड़ा देती है। धीरे-धीरे यह आदत गर्दन के दर्द, अकड़न, सिरदर्द और हाथों में झनझनाहट जैसी दिक्कतों में बदल जाती है।

# सर्वाइकल से बचने के आसान टिप्स

हर आधे घंटे पर ब्रेक लें – काम के बीच 2-3 मिनट टहलें या हल्की स्ट्रेचिंग करें।

सही मुद्रा अपनाएं – कुर्सी पर सीधा बैठें और स्क्रीन को आंखों की ऊंचाई पर रखें।

गर्दन के व्यायाम करें – दिन में दो बार गर्दन को धीरे-धीरे दाएं-बाएं और ऊपर-नीचे घुमाएं।

योग और प्राणायाम – भुजंगासन, ताड़ासन, गोमुखासन और अनुलोम-विलोम सर्वाइकल में बेहद लाभकारी माने जाते हैं।

गर्म सिंकाई – दर्द या अकड़न होने पर गर्म पानी की बोतल या तौलिए से सिकाई करें।

# खानपान का ध्यान रखें

सही डाइट भी सर्वाइकल दर्द से बचाव में अहम भूमिका निभाती है।

कैल्शियम और विटामिन D – हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए दूध, पनीर, दही और हरी सब्जियां खाएं, साथ ही रोजाना धूप जरूर लें।

ओमेगा-3 फैटी एसिड – अलसी, अखरोट और मछली का सेवन करें, ये सूजन और दर्द को कम करने में मददगार हैं।

# लाइफस्टाइल में बदलाव से मिलेगी राहत

- मोबाइल का इस्तेमाल हमेशा आंखों की लेवल पर करें।
- लगातार गाड़ी चलाने से बचें, बीच-बीच में ब्रेक लें।
- ऑफिस में एर्गोनॉमिक चेयर का इस्तेमाल करें।
- रोजाना कम से कम 20 मिनट वॉक या हल्की एक्सरसाइज को रूटीन का हिस्सा बनाएं।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।