'जुबिन मुझे बताया करते थे कि उन्हें अचानक बेहोशी आ जाती है', अनु मलिक ने बताया- क्यों नहीं लौटना चाहते थे मुंबई

असम के प्रसिद्ध बॉलीवुड सिंगर जुबिन गर्ग का हाल ही में सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग के दौरान निधन हो गया। इस अचानक घटना ने उनके फैन्स, परिवार और संगीत जगत को गहरा झटका दिया है। जुबिन का अंतिम संस्कार 23 सितंबर को उनके गुवाहाटी के नजदीकी गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। इस बीच, संगीतकार अनु मलिक ने जुबिन की स्वास्थ्य समस्याओं और उनके मुंबई वापस न आने की वजहों पर कुछ खुलासे किए हैं।

इंडस्ट्री और फैन्स में शोक

जुबिन गर्ग के आकस्मिक निधन की खबर से बॉलीवुड और उनके फैन्स में शोक की लहर दौड़ गई। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बताया कि सिंगापुर सरकार द्वारा जारी डेथ सर्टिफिकेट में उनकी मौत डूबने से हुई बताई गई है। संगीतकार अनु मलिक भी इस खबर से हैरान हैं। दोनों ने कई फिल्मों और प्रोजेक्ट्स जैसे 'मिशन इस्तांबुल' (2008) और 'मैं प्रेम की दीवानी हूं' (2003) में साथ काम किया था।

'जुबिन अपनी बहन को लेकर बहुत इमोशनल थे'

अनु मलिक ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में जुबिन को याद करते हुए कहा, वो बेहद जेंटलमैन और प्यारे इंसान थे। मैं उनसे पहली बार असम के एक परिचय के जरिए मिला। उन्होंने फिजा में गाया और हमारी अच्छी बॉन्डिंग बन गई। जुबिन अपनी बहन को लेकर बहुत इमोशनल थे, जिसे उन्होंने एक दुर्घटना में खो दिया था। वह असमिया, बंगाली, मणिपुरी, बोरो, मराठी और मलयाली गाने भी गाते थे। उनके लाइव कॉन्सर्ट्स अद्भुत होते थे। इस खबर ने मेरा दिल तोड़ दिया है।
'जुबिन मुझे बताते थे कि उन्हें अचानक बेहोशी आ जाती है'

अनु ने बताया कि जुबिन ने उन्हें अपनी स्वास्थ्य समस्या के बारे में बताया था। उन्होंने कहा, जुबिन मुझे बताते थे कि उन्हें अचानक बेहोशी आ जाती है। मैंने उन्हें कहा कि जांच करवाओ, लेकिन वह कई साल तक इसका ध्यान नहीं रख पाए और फोन भी नहीं किया। उन्हें अपने असम की पहाड़ों और गांव की पुकार बहुत भाती थी।

'अनु सर, मैं मुंबई वापस नहीं आना चाहता'

अनु मलिक ने एक और किस्सा साझा करते हुए कहा, जुबिन मेरे संगीत पर गर्व करते थे। मैं उन्हें मुंबई रहने के लिए कहता था ताकि और काम मिले, लेकिन वह अपना घर नहीं छोड़ना चाहते थे। एक दिन उन्होंने कहा- 'अनु सर, मैं मुंबई वापस नहीं आना चाहता। आप बुलाओ तो आ जाऊंगा, लेकिन गाने के बाद लौट जाऊंगा असम में, क्योंकि मुझे सामाजिक कार्यों में ज्यादा रुचि है।'

सामाजिक कार्यों में भी थे सक्रिय


अनु ने बताया कि जुबिन बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए जाते थे और अपनी खुद की चैरिटी संस्था चलाते थे। वह हमेशा अपने किए गए कार्यों के बारे में अनु को बताते रहते थे। अनु मलिक ने कहा कि वह जुबिन के बेहद करीब थे और उनके सामाजिक योगदान की बातों को हमेशा याद रखेंगे।

जुबिन गर्ग की संगीत और समाज सेवा में प्रतिबद्धता उन्हें सिर्फ एक कलाकार ही नहीं, बल्कि एक आदर्श इंसान भी बनाती है, जिसे इंडस्ट्री और उनके फैन्स हमेशा याद रखेंगे।