रणबीर कपूर के ‘राम’ रूप पर सद्गुरु की टिप्पणी: ये एक चुनौती है, उम्मीद नहीं की जा सकती थी; विवेक ओबेरॉय ने की फीस दान करने की घोषणा

रामानंद सागर की ‘रामायण’ के बाद अब नितेश तिवारी और नमित मल्होत्रा का मेगा प्रोजेक्ट ‘रामायण’ दर्शकों में गहरी उत्सुकता पैदा कर रहा है। इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि उनके साथ साई पल्लवी मां सीता के किरदार में नजर आएंगी। फिल्म की विशाल स्टारकास्ट और 4000 करोड़ रुपये का बजट पहले ही इसे भारत की सबसे बड़ी फिल्म परियोजनाओं में शामिल कर चुका है। वहीं, फिल्म की घोषणा के बाद रणबीर कपूर को उनके चयन को लेकर कुछ आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। इसी पर आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ने अपना दृष्टिकोण रखा है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।

सद्गुरु का रणबीर कपूर के चयन पर रिएक्शन

फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा के साथ एक बातचीत के दौरान सद्गुरु से जब रणबीर कपूर के ‘राम’ बनने पर लोगों की प्रतिक्रियाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा —“यह एक गलत धारणा को उजागर करता है कि किसी अभिनेता को हमेशा एक ही तरह की भूमिकाएं निभानी चाहिए। रणबीर कपूर ने पहले जिन किरदारों को निभाया है, उन्हें देखकर शायद कोई उनसे ‘राम’ बनने की उम्मीद नहीं करता, लेकिन यह उनके लिए एक चुनौती है। अभिनय उनका पेशा है — अगर कल उन्हें रावण बनना पड़े तो वह उसे भी पूरी ईमानदारी से निभाएंगे।”

सद्गुरु ने यह भी कहा कि एक्टर को उसके अतीत के किरदारों से नहीं, बल्कि उसकी वर्तमान प्रस्तुति से आंका जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह भूमिका रणबीर को आत्मिक रूप से भी परिपक्व बना सकती है, और संभव है कि ‘राम’ के चरित्र से वह खुद में बहुत कुछ सीखें।”

एन.टी. रामाराव का उदाहरण देकर समझाया संदर्भ

सद्गुरु ने इस संदर्भ में दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता एन.टी. रामाराव (NTR) का उदाहरण देते हुए कहा — “एन.टी. रामाराव ने अपने करियर में लगभग 15 फिल्मों में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाई। लोग आज भी उन्हें पूजते हैं। उनकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि राजनीति में प्रवेश के बाद उन्हें भारी जनसमर्थन मिला। यह उदाहरण दर्शाता है कि अगर अभिनेता में विनम्रता और समर्पण है, तो वह धार्मिक किरदार को आत्मसात कर सकता है।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि रणबीर कपूर के लिए ‘राम’ की भूमिका निभाना केवल एक अभिनय नहीं बल्कि आत्मिक यात्रा भी साबित हो सकती है।

फिल्म की स्टारकास्ट और रोल्स का विवरण

नितेश तिवारी निर्देशित ‘रामायण’ दो भागों में रिलीज़ होगी — पहला भाग 2026 में और दूसरा भाग 2027 में राम नवमी और दिवाली के अवसर पर। फिल्म की स्टारकास्ट इस प्रकार है:

—रणबीर कपूर – भगवान राम

—साई पल्लवी – माता सीता

—यश – रावण

—सनी देओल – हनुमान

—अरुण गोविल – राजा दशरथ

—लारा दत्ता – कैकेयी

—काजल अग्रवाल – मंदोदरी

—विवेक ओबेरॉय – विभीषण

विवेक ओबेरॉय ने की दान की घोषणा

फिल्म में विभीषण की भूमिका निभा रहे विवेक ओबेरॉय ने एक प्रेरणादायक कदम उठाया है। उन्होंने घोषणा की है कि वे ‘रामायण’ से मिलने वाली अपनी पूरी फीस कैंसर पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए दान करेंगे। विवेक पहले भी अपने ‘प्रोजेक्ट डेवलप इंडिया’ और ‘कैंसर पेशेंट एड सोसाइटी’ जैसी पहलों के ज़रिए समाजसेवा में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने कहा, “मुझे नमित मल्होत्रा का दृष्टिकोण बहुत पसंद आया। यह सिर्फ़ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण है। अगर इस फिल्म के ज़रिए मैं किसी बच्चे की मुस्कान वापस ला सकता हूं, तो यह मेरे लिए सबसे बड़ा पुरस्कार होगा।”

‘रामायण’ सिर्फ़ एक धार्मिक कहानी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का आत्मदर्शन है। रणबीर कपूर जैसे आधुनिक अभिनेता द्वारा भगवान राम की भूमिका निभाने को लेकर भले ही मतभेद हों, लेकिन सद्गुरु का दृष्टिकोण यह सिखाता है कि कला में कोई सीमा नहीं होती। अभिनेता अपने पात्रों से उतना ही सीखता है जितना दर्शक उनसे प्रेरणा लेते हैं। वहीं विवेक ओबेरॉय का दानात्मक निर्णय यह दर्शाता है कि रामायण का प्रभाव केवल परदे तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन के हर पहलू को छूने वाला है।