संगीतकार जोड़ी सचेत-परंपरा ने अपने लोकप्रिय गीत ‘रांझन’ को लेकर उठे कॉपीराइट विवाद में बड़ी जीत हासिल की है। विदेशी म्यूज़ीशियन KMKZ ने आरोप लगाया था कि यह ट्रैक उनकी धुन से नकल किया गया है, लेकिन प्रमुख स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स—यूट्यूब और स्पॉटिफाई—ने सभी दावों को खारिज कर दिया।
गाना रिलीज़ होने से पहले ही इसके सभी प्रोजेक्ट फाइल्स और सेशन रिकॉर्ड्स स्ट्रीमिंग सेवाओं को वेरिफिकेशन के लिए भेजे गए थे। जांच के बाद प्लेटफॉर्म्स ने साफ किया कि ‘रांझन’ पूरी तरह सचेत-परंपरा की मौलिक रचना है और KMKZ के कॉपीराइट क्लेम पूरी तरह निराधार हैं।
इसके बाद सचेत-परंपरा ने KMKZ के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज किया है। उनका कहना है कि यह आरोप न सिर्फ झूठे हैं, बल्कि उनकी पेशेवर साख को नुकसान पहुँचाने की कोशिश है।
दिग्गज जोड़ी ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘रांझन’ की धुन स्टैंडर्ड F# मेजर कॉर्ड प्रोग्रेशन (F#5, F#5 Major7, B sus2, E minor flat, D flat, और E minor flat) पर आधारित है, जो संगीत की दुनिया में कई ओरिजिनल क्रिएशन्स में सामान्य रूप से इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे कॉर्ड्स को आधार बनाकर किसी पर प्लेज़रिज़्म का आरोप लगाना हास्यास्पद है।
सचेत-परंपरा ने बयान में कहा, हमारे खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और केवल विवाद पैदा करने व पब्लिसिटी पाने के लिए लगाए गए हैं। हमने सभी मूल सेशन फाइल्स और पियानो स्कोर्स स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स को मुहैया कराए, जिसके बाद उन्होंने हमारे ही ऑथरशिप को मान्यता दी है। अब हमने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और कड़े कदम उठाएंगे।
यह मामला डिजिटल युग में संगीतकारों के सामने आने वाली चुनौतियों को भी उजागर करता है, जहां झूठे कॉपीराइट दावे तेजी से फैलकर कलाकारों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा सकते हैं। सचेत-परंपरा की त्वरित कानूनी और तकनीकी कार्रवाई इस बात का उदाहरण है कि बौद्धिक संपदा की सुरक्षा कितनी जरूरी है।
अब जब सभी आरोप खारिज हो चुके हैं, दर्शक ‘रांझन’ के सुर, अरेंजमेंट और भावनात्मक गहराई का बिना किसी संदेह के आनंद ले सकते हैं।