बॉलीवुड की सफल अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने अपने करियर की शुरुआत में कई चुनौतियों का सामना किया। उन्होंने अब खुलासा किया है कि उनकी पहली फिल्म ‘राजा की बारात’ के स्क्रीन टेस्ट पर उनकी मां कृष्णा मुखर्जी का क्या रिएक्शन था। दरअसल, रानी की मां ने फिल्म के प्रोड्यूसर से कहा था कि उन्हें अपनी बेटी को इस फिल्म में न लेना चाहिए।
मां ने प्रोड्यूसर को कहा: “बेटी को मत लो”रानी मुखर्जी ने बताया, “मेरी मां ने कहा था कि तुम करना, फिर देखते हैं कैसे जा रहा है। लेकिन मेरे पहले स्क्रीन टेस्ट के बाद उन्हें मैं इतनी बुरी लगी कि उन्होंने प्रोड्यूसर से कहा, ‘अगर आप मेरी बेटी को लेते हैं तो आपकी फिल्म बर्बाद हो जाएगी। आपको बहुत नुकसान होगा। इससे अच्छा है कि आप उसे मत लें।’”
फिर भी, प्रोड्यूसर सलीम अंकल ने रानी को लेने का फैसला किया और उन्हें फिल्म में फाइनल कर लिया। रानी ने कहा कि उनकी मां की चिंता उनके करियर के शुरुआती जोखिमों को लेकर थी।
पिता का रिएक्शनरानी ने पिता के रिएक्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया, “मेरे पिता उस समय ज्यादा खुश नहीं थे। क्योंकि फिल्मी परिवारों के बच्चों में खासकर लड़कियों में एक्टिंग करना आम नहीं था। परिवार के लड़के ज्यादा एक्टिंग करते थे। उस समय फिल्म इंडस्ट्री को एक प्रोफेशन के रूप में गंभीरता से नहीं लिया जाता था।”
‘राजा की बारात’ से हुआ बॉलीवुड डेब्यूरानी मुखर्जी ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत ‘राजा की बारात’ से की थी। इस फिल्म का निर्देशन अशोक गायकवाड़ ने किया था। फिल्म में रानी के साथ शादाब खान, मोहसिन बहल और गुलशन ग्रोवर नजर आए थे। रानी ने फिल्म में यंग टीचर माला का किरदार निभाया था, जो एक अमीर लड़के से शादी करती है।