छूटते ही अपने गांव पहुंचे राजपाल यादव, चिल अंदाज में बोले- जेल में स्मोकिंग के लिए अलग कमरा जरूरी

फिल्म अभिनेता राजपाल यादव चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद सीधे अपने जन्मस्थान शाहजहांपुर के कुण्डरा पहुंचे। उनके आगमन पर स्थानीय लोगों और समर्थकों में उत्साह की लहर देखी गई। अदालत से राहत मिलने के बाद अभिनेता सीधे अपने गृहनगर पहुंचे, जहां परिजनों और चाहने वालों ने उन्हें गर्मजोशी से स्वागत किया। मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में यादव ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और कठिन समय में उनके परिवार और प्रशंसकों का साथ उन्हें हिम्मत देता है। उन्होंने फैंस का आभार जताते हुए बताया कि अब वह अपने काम पर ध्यान देंगे और दर्शकों का मनोरंजन करते रहेंगे।

जेल सुधारों पर राजपाल यादव की राय

राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद पीटीआई से बातचीत में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने जोर दिया कि जेलों को केवल सजा के स्थान के बजाय ‘सुधार केंद्र’ के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, ताकि कैदी खुद में सुधार कर सकें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग सुधार नहीं चाहते, उनके लिए कानून सर्वोपरि रहेगा।

एक दिलचस्प सुझाव देते हुए यादव ने कहा कि एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों की तरह जेलों में भी धूम्रपान के लिए अलग क्षेत्र यानी स्मोकिंग जोन होना चाहिए। उनका मानना है कि बाहर से यह पहचानना कठिन है कि कौन आदतन अपराधी है और किसने केवल एक बार गलती की है।

राजपाल का उद्देश्य और निजी दृष्टिकोण

अपने जन्मस्थान और नागरिकता पर बात करते हुए यादव ने गर्व से कहा कि वे भारत में जन्मे हैं और अपने पासपोर्ट या करेंसी को बदलने का कभी विचार नहीं किया। उन्होंने बताया कि उनका प्राथमिक उद्देश्य अपनी कमाई बढ़ाना और अपने गांव में वोटर बने रहना है। उन्होंने जनता से सहानुभूति की अपेक्षा समय देने की अपील की ताकि समय के साथ सच्चाई सामने आए।

राजपाल ने अपनी छवि और करियर के बारे में कहा कि यदि उनकी तस्वीरों या वीडियो से किसी को फायदा होता है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं। उनका मानना है कि लोग चाहे उन पर हंसें या उनकी वजह से हंसें, उनका उद्देश्य मनोरंजन करना ही है। स्मोकिंग की आदत पर उन्होंने साफ किया कि वह तंबाकू को बढ़ावा नहीं दे रहे हैं और कई बार इसे छोड़ने का प्रयास भी कर चुके हैं।

कानूनी स्थिति और अगली सुनवाई

कानूनी मामलों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि राजपाल यादव को मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के लगभग 9 करोड़ रुपये के बकाया मामले में जेल भेजा गया था। दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने उनकी सजा को 18 मार्च तक निलंबित किया, क्योंकि अभिनेता ने शिकायतकर्ता के खाते में 1.5 करोड़ रुपये जमा कर दिए थे।

इस कठिन समय में फिल्म जगत से सोनू सूद और गुरमीत चौधरी सहित कई कलाकारों ने उनके परिवार को वित्तीय सहायता दी और दूसरों से भी समर्थन की अपील की। फिलहाल राजपाल यादव परिवार में एक विवाह समारोह में व्यस्त हैं और मीडिया से कुछ दिन दूर रहेंगे। इसके बाद वे प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सभी सवालों के विस्तृत जवाब देंगे।