भोजपुरी इंडस्ट्री के सुपरस्टार पवन सिंह अपनी फिल्मों और गानों के चलते अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। लेकिन इस बार उनकी लोकप्रियता का कारण उनकी प्रोफेशनल लाइफ नहीं, बल्कि निजी जिंदगी है। हाल ही में पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा किया है। इस पोस्ट में उन्होंने पति पर कई गंभीर आरोप लगाए और अपनी पीड़ा लोगों के सामने रखी।
इंस्टाग्राम पर साझा की तस्वीर और लंबा कैप्शनज्योति सिंह ने 29 अगस्त को इंस्टाग्राम पर पवन सिंह के साथ एक पुरानी तस्वीर शेयर की। तस्वीर में पवन उनकी मांग भरते नजर आ रहे हैं। इस फोटो के साथ ज्योति ने लंबा कैप्शन लिखा, जिसमें उन्होंने बताया कि वे कई महीनों से पवन सिंह से निजी और राजनीतिक मुद्दों पर बातचीत करने की कोशिश कर रही हैं। उनका कहना है कि न तो पवन सिंह और न ही उनके आसपास मौजूद लोगों ने कभी उनके कॉल या मैसेज का जवाब देना उचित समझा।
लखनऊ और डिहरी तक गईं, लेकिन मुलाकात नहीं हुईज्योति ने पोस्ट में आगे लिखा कि वे पति से मिलने लखनऊ तक गई थीं। यहां तक कि छठ पर्व पर जब पवन सिंह डिहरी पहुंचे थे, तब भी उन्होंने उनसे मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें मना कर दिया गया। ज्योति ने लिखा कि उनके पिता ने भी करीब दो महीने पहले पवन सिंह से मिलने की कोशिश की, मगर कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। उन्होंने सवाल किया कि आखिर उन्होंने ऐसा कौन-सा अपराध किया है जिसके लिए उन्हें इतनी बड़ी सजा दी जा रही है।
‘झूठे वादों से टूटा भरोसा’पोस्ट में ज्योति ने यह भी आरोप लगाया कि पवन सिंह ने उन्हें झूठे आश्वासन दिए और उनके माता-पिता की इज्जत के साथ खिलवाड़ किया। उनका कहना है कि अगर वे पत्नी के योग्य नहीं थीं, तो पवन सिंह को पहले ही स्पष्ट कर देना चाहिए था। ज्योति ने लिखा कि लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें आगे कर दिया गया और अब जीवन की उस स्थिति पर लाकर खड़ा कर दिया गया है, जहां उन्हें आत्मदाह जैसे कदम के अलावा कोई रास्ता नहीं दिख रहा। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि ऐसा कदम उठाने पर भी सवाल उन्हीं और उनके माता-पिता पर खड़े होंगे, इसलिए वे ऐसा नहीं करेंगी।
इंसानियत के नाम पर गुहारज्योति ने पोस्ट में पति से एक भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक पत्नी का धर्म पूरी निष्ठा से निभाया है और अब बारी पवन सिंह की है कि वे भी पति का कर्तव्य निभाएं। ज्योति ने लिखा कि अगर वे उन्हें पत्नी नहीं मानते, तो कम से कम इंसानियत के नाते ही उनके साथ खड़े हो जाएं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पवन सिंह ने कई विरोधियों की गलतियां माफ की हैं, तो क्या अपने ही परिवार के लिए इतना कर पाना मुश्किल है?
सात साल का संघर्ष और निराशाज्योति ने यह भी लिखा कि वे पिछले सात साल से इस रिश्ते को बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। उन्हें सबसे ज्यादा पीड़ा तब होती है जब पवन सिंह उन लोगों को गले लगाते हैं, जिन्होंने कभी उन्हें अपशब्द कहे थे, जबकि उनकी अपनी तकलीफों को अनसुना कर दिया जाता है। ज्योति ने पोस्ट में अंतिम बार गुहार लगाते हुए लिखा कि वे अब अपने ही जीवन से ऊब चुकी हैं। उन्होंने पवन सिंह से कहा कि वे कम से कम एक बार उनके कॉल और मैसेज का जवाब दें और उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश करें।