दिल्ली की लव कुश रामलीला में बॉबी देओल बनेंगे राम, दशहरे पर करेंगे रावण का दहन

दिल्ली की मशहूर लव कुश रामलीला इस साल दशहरे पर और भी भव्य होने जा रही है। इस बार बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल इस समारोह में विशेष रूप से शामिल होंगे। बॉबी इस रामलीला में राम की भूमिका निभाएंगे और रावण के पुतले का प्रतीकात्मक दहन करेंगे, यानी बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश फैलाएंगे। इस बात की पुष्टि खुद बॉबी देओल ने की है। लव कुश रामलीला समिति ने बॉबी देओल को 2 अक्टूबर को ऐतिहासिक लाल किला मैदान में आयोजित रावण दहन समारोह के लिए आमंत्रित किया है। आयोजकों ने बॉबी के साथ साझा किए गए एक वीडियो में इस साल के उत्सव में उनकी भागीदारी की खुशी जताई। बॉबी ने वीडियो में कहा, “दिल्ली की रामलीला में इस बार मैं आ रहा हूं... तो मिलते हैं दशहरे पर।” उनकी उपस्थिति से भारी भीड़ जुटने की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि इस आयोजन में आमतौर पर लाखों लोग शामिल होते हैं।

आयोजकों की प्रतिक्रिया


लव कुश रामलीला समिति के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने कहा कि बॉबी देओल की भागीदारी से इस दशहरे का उत्सव और भी शानदार और यादगार बन जाएगा। उनका मानना है कि बॉबी की स्टार पावर इस कार्यक्रम में अतिरिक्त आकर्षण जोड़ देगी।
रामलीला की भव्य परंपरा

लाल किले में आयोजित लव कुश रामलीला देश की सबसे प्रसिद्ध रामलीलाओं में से एक मानी जाती है। यह आयोजन पौराणिक कथाओं और आधुनिक तमाशों का संगम है, जिसे देखने के लिए दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों से दर्शक बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। इस साल बॉबी देओल के शामिल होने से रावण दहन में सिनेमाई आकर्षण का नया तड़का जुड़ेगा।

पूनम पांडे की भूमिका और विवाद

इस साल पूनम पांडे रावण की पत्नी मंदोदरी की भूमिका निभाएंगी। उनके चयन को लेकर विवाद भी पैदा हुआ है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सहित कई राजनीतिक और धार्मिक समूहों ने आपत्ति जताई। इसके बावजूद आयोजकों ने पुष्टि की है कि पांडे की भूमिका को नहीं बदला जाएगा और वह नाटक में अपनी भूमिका निभाती रहेंगी।

पूर्व इतिहास और मंच साझा करना

लव कुश रामलीला समिति का मुंबई और अन्य फिल्म अभिनेताओं को प्रमुख भूमिकाओं में शामिल करने का लंबा इतिहास रहा है। पूनम पांडे, जिन्होंने हिंदी और पंजाबी फिल्मों में अभिनय किया है, ने इस भूमिका के लिए खुद समिति से संपर्क किया था। इस वर्ष वह आर्य बब्बर के साथ मंच साझा करेंगी और रावण के पात्र के साथ नाटक का रंग और भी जीवंत होगा।