2 News : बॉबी को ‘आश्रम’ के प्रमोशन के दौरान आया था वर्टिगो अटैक, लोगों के पास जा-जाकर काम मांगते थे एक्टर

एक्टर बॉबी देओल (56) का सितारा पिछले कुछ समय से फिर से चमक गया है। लोगों को उनकी एक्टिंग देखने का इंतजार रहता है। बॉबी की मच अवेटेड वेब सीरीज ‘एक बदनाम आश्रम सीजन 3 पार्ट 2' रिलीज हो गई है। इसमें एक बार फिर से बॉबी ने ‘बाबा निराला’ वाले किरदार के रूप में लोगों का दिल जीत लिया। हाल ही में बॉबी ने बताया कि उन्हें शो के प्रमोशन के दौरान एक ऐसा अनुभव हुआ जिससे वो काफी परेशान हो गए। इसके चलते उनके पसीने छूट गए। बॉबी ने फिल्मफेयर को दिए एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि कैसे पहली बार 'आश्रम' का प्रचार करते समय घबराहट के कारण उन्हें चक्कर आ गया था।

बॉबी ने कहा कि यह पहली बार था जब मैं एक खलनायक की भूमिका निभा रहा था और मैं निश्चित रूप से नर्वस था। मुझे याद है कि जिस दिन मैं इसका प्रचार कर रहा था मुझे वर्टिगो अटैक आया था क्योंकि मुझे वर्टिगो की समस्या है। मुझे लगता है कि इस तरह के किरदार को निभाने पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया होगी, इस बारे में बहुत घबराहट और डर था। उल्लेखनीय है कि वर्टिगो अटैक के दौरान आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है और ऐसा लगता है कि दुनिया घूम रही है। बॉबी ने आगे कहा कि कई बार अभिनेता दूसरों से इतने प्रभावित हो जाते हैं कि उन्हें अपनी क्षमताओं पर भरोसा ही नहीं रहता।

एक एक्टर के लिए सबसे कमजोर बिंदू तब होता है जब उसका दिमाग खराब हो जाता है और वे जो हासिल करने में सक्षम हैं, उस पर विश्वास करना बंद कर देते हैं। इसका नतीजा ठीक नहीं होता। कई लोग जो चाहते हैं, उसे पाने के लिए मेहनत करने के बजाय आसान रास्ता चुन लेते हैं। ‘बाबा निराला’ का किरदार निभाना मेरे लिए आसान विकल्प नहीं था क्योंकि मैं अपना करिअर फिर से शुरू कर रहा था और मैंने एक ऐसी भूमिका चुनी थी जिसमें मुझे पहले कभी नहीं देखा गया था।
बॉबी ने कहा, काम मांगना कोई शर्म की बात नहीं है…

बॉबी ने इंडिया टुडे को दिए गए इंटरव्यू के दौरान उन दिनों को याद किया जब वे काम की तलाश में घूम रहे थे। लॉकडाउन से पहले बॉबी के पास ऐसा कोई काम नहीं था जिससे उन्हें अलग पहचान मिले। फिर जब उन्हें ‘आश्रम’ ऑफर हुई तब उनकी किस्मत अचानक से चमक गई। बॉबी ने कहा कि मैं लोगों के पास जाता था और कहता था मैं बॉबी देओल हूं मुझे काम दो। एक अभिनेता के लिए इस दौर से गुजरना भी बहुत जरूरी है। काम मांगना कोई शर्म की बात नहीं है, इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

कम से कम लोग मुझे इस बहाने से याद तो रखेंगे। इंडस्ट्री में अब प्रतियोगिता बढ़ गई है, पहले जहां मेरे पास अपने आप काम आता था अब मुझे काम की तलाश करनी पड़ती है। अब बहुत कुछ बदल गया है और इतने सारे कलाकारों के बीच अपनी अलग पहचान बनाना बहुत मुश्किल है। बताते चले कि बॉबी को ‘आश्रम’ के लिए ‘बाबा निराला’ का रोल फिल्ममेकर प्रकाश झा ने ऑफर किया था।

इस नेगेटिव किरदार को करने के बाद बॉबी फैंस के बीच छा गए और उनके करिअर में काफी बदलाव देखने को मिला। वे इसके बाद एनिमल, 'डाकू महाराज' और 'कंगुवा' में विलेन के रूप में नजर आए। अब जल्द ही बॉबी 'हाउसफुल 5', 'वेलकम टू द जंगल' और 'हरि हरा मल्लू' में नजर आएंगे।