2 News : आमिर को प्रोडयूसर्स से हमदर्दी और स्टार्स की इन बातों से एतराज, बताया इसलिए फ्लॉप हुई ‘लाल सिंह चड्ढा’

फराह खान, राकेश रोशन और संजय गुप्ता सहित कई सेलेब्स फिल्मों की भारी भरकम प्रोडक्शन कॉस्ट को लेकर चिंता जाहिर कर चुके हैं। बड़ी फिल्मों के बजट का एक बड़ा हिस्सा स्टार्स की फीस और शूटिंग के दौरान उनके रहन-सहन और उनके साथ आई टीम पर खर्च होता है। अब सुपरस्टार आमिर खान (60) ने भी इस बारे में अपने विचार व्यक्त किए हैं। आमिर ने कोमल नाहटा के यूट्यूब शो ‘गेम चेंजर’ के साथ खास बातचीत में कहा कि स्टार्स को पहचान मिलनी चाहिए, लेकिन इस प्वाइंट तक नहीं जहां वो प्रोड्यूसर के लिए परेशानी बन जाएं। जब 37 साल पहले मैं इंडस्ट्री में आया था तब प्रोड्यूसर स्टार के ड्राइवर और उनके हेल्प की फीस देते थे।

मुझे वो बहुत अजीब लगता था। मुझे लगता था, ड्राइवर और हेल्प मेरे लिए काम कर रहे हैं, तो प्रोड्यूसर क्यों उनकी फीस दे रहे हैं? अगर प्रोड्यूसर मेरे पर्सनल स्टाफ के लिए पैसे दे रहा है तो क्या वो मेरे बच्चों की स्कूल फीस भी देंगे? ये कहां रुकेगा? मुझे लगता है प्रोड्यूसर्स को उसी पर खर्च करना चाहिए जितना फिल्म के लिए जरूरत हो। इसमें मेकअप, हेयर और कॉस्ट्यूम आता है। लेकिन मेरे ड्राइवर और हेल्प को पैसे देना, वो कैसे फिल्म में भागीदारी दे रहे हैं? वो लोग मेरे लिए काम कर रहे हैं। ये मेरी जिम्मेदारी है कि मैं उन्हें पैसे दूं, खासकर जब मैं अच्छा कमा रहा हूं।

पहले दिन से मैं साफ था कि कोई प्रोड्यूसर मेरे ड्राइवर और हेल्प का पैसा नहीं देंगे। आज इस बात को 37 साल हो गए हैं। मैंने सुना है कि आज के स्टार्स अपने ड्राइवर को भी पैसे नहीं देते हैं। वो अपने प्रोड्यूसर से उन्हें पैसे दिलवाते हैं। इतना ही नहीं, प्रोड्यूसर एक्टर के स्पॉट बॉय के लिए भी पैसे दे रहा है। वो इतने में नहीं रुकते हैं। वो प्रोड्यूसर से उनके ट्रेनर्स, कुक्स तक के पैसे दिलवाते हैं। मैंने सुना है कि एक्टर्स सेट पर लाइव किचन तक रखते हैं और चाहते हैं कि उसका पैसा प्रोड्यूसर दें। वो किचन और जिम के लिए एक से ज्यादा वैनिटी वैन की मांग करते हैं।

हालांकि मै स्टार्स द्वारा इन सब मांगों के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन मुझे तब समस्या लगती है जब वो स्टार्स चाहते हैं कि इन सबका खर्चा प्रोड्यूसर उठाए। आप जो सारा पैसा कमा रहे हो, वो कहां भेज रहे हो? ये स्टार्स करोड़ों में कमा रहे हैं और फिर भी अपनी जरूरतों पर खर्च करने के लायक नहीं है। मुझे ये बहुत अजीब लगता है। ये इंडस्ट्री के लिए बहुत दुख की और खतरनाक बात है। ये शर्मनाक है कि आज भी ऐसे एक्टर्स हैं जो अपने प्रोड्यूसर और फिल्म के साथ अन्याय कर रहे हैं। जब आप अपने लिए एक लाइफस्टाइल अफोर्ड कर सकते हो, तो आप इसका भार प्रोड्यूसर पर क्यों डाल रहे हो? प्रोड्यूसर आपको 6 वैन क्यों दे जब आपको मेकअप के लिए सिर्फ एक वैन की जरूरत है।
80 करोड़ के बजट में बनते-बनते 200 करोड़ तक पहुंच गई ‘लाल सिंह चड्ढा’ : आमिर

साल 2022 में आमिर और करीना कपूर खान की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ रिलीज हुई थी। ये बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से फ्लॉप साबित हुई। अब आमिर ने इसके फ्लॉप होने के पीछे की वजह के बारे में बात की है। आमिर ने कहा कि मैं थोड़ा ओवरकॉन्फिडेंस हो गया था क्योंकि मैं पहले लगातार कई हिट्स दे चुका था और मैं अपनी इसी सोच की वजह से गलत हो गया। लगातार हिट देने की वजह से मुझे लगा कि ये भी हिट होगी। मैंने तो फ्लॉप के बारे में सोचा ही नहीं था और ये इसी ओवरकॉन्फिडेंस की वजह से फ्लॉप साबित हुई।

आमतौर पर फिल्म बनाते समय मेकर्स सोचते हैं कि उनकी फिल्में ज्यादा मुनाफा कमाए लेकिन, मैं देखता हूं कि इसका बजट उतना रखना जाए ताकि नुकसान कम हो। मैंने ‘लाल सिंह चड्ढा’ में इस फिल्टर का इस्तेमाल नहीं किया था। थोड़ा ओवरकॉन्फिडेंट हो गया था। मैं उस समय फिल्म की इकोनॉमिक्स को नहीं समझा। 80 करोड़ के बजट में फिल्म बनते-बनते 200 करोड़ तक पहुंच गई। मुझे फिल्म में मेनस्ट्रीम सिनेमा वाले गुण नहीं दिखे थे और मैं ये भी जानता था कि ये ज्यादा ऑडियंस नहीं जुटा पाएगी क्योंकि इसका सब्जेक्ट उबा सकता था।

कोविड की वजह से नुकसान झेलना पड़ा जबकि आधी से ज्यादा फिल्म पहले ही शूट हो चुकी थी। मेरे खर्चे इसलिए भी बढ़ते रहे क्योंकि मैं वर्कर्स को लगातार पैसे दे रहा था ताकि वे लोग उस महामारी में अपना घर चला सकें। मैंने फिल्म के लिए सबसे ज्यादा पैसा विदेश में ट्रेवल करने पर खर्च कर दिया था। बता दें आमिर की पिछली फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ जून में रिलीज हुई थी और फैंस ने इसके लिए काफी उत्साह दिखाया।