बालों की चमक सिर्फ किसी हेयर सीरम या तेल पर निर्भर नहीं करती। रोजमर्रा में बालों को धोने, सुखाने, सुलझाने और हीट देने का तरीका भी इस बात को प्रभावित करता है कि बाल कितने स्वस्थ और बेहतर नजर आएंगे। खासकर शैंपू करते समय एक आम गलती यह होती है कि लोग पूरे बालों की लंबाई पर शैंपू रगड़ने लगते हैं, जबकि डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह के मुताबिक मुख्य ध्यान स्कैल्प की सफाई पर होना चाहिए।
बालों की चमक बनाए रखने के लिए सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति के लिए बाल धोने का एक जैसा नियम नहीं हो सकता। सीधे और जल्दी ऑयली होने वाले बालों को ज्यादा बार धोने की जरूरत पड़ सकती है, जबकि घुंघराले, मोटे या बहुत ड्राई बालों को बार-बार शैंपू करने से रूखापन बढ़ सकता है। इसलिए केवल किसी तय दिन या दूसरे व्यक्ति के रूटीन को कॉपी करने के बजाय अपने स्कैल्प में तेल और गंदगी जमा होने के हिसाब से बाल धोना बेहतर है।
शैंपू पूरे बालों में नहीं, स्कैल्प पर लगाएंबाल धोते समय शैंपू को बालों की जड़ों और स्कैल्प पर लगाकर हल्के हाथों से मसाज करना ज्यादा सही तरीका है। स्कैल्प पर ही तेल, मृत त्वचा और हेयर प्रोडक्ट्स का जमाव होता है, इसलिए सफाई का मुख्य काम वहीं होना चाहिए। बालों की पूरी लंबाई को जोर-जोर से रगड़ने की जरूरत नहीं होती। शैंपू को धोते समय निकलने वाला झाग बालों की लंबाई से होकर गुजर जाता है। इससे अनावश्यक रगड़ से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
बहुत ज्यादा या बहुत कम शैंपू दोनों से बचेंबालों को चमकदार बनाने के चक्कर में बार-बार शैंपू करना जरूरी नहीं है। दूसरी तरफ, स्कैल्प को लंबे समय तक ठीक से साफ न करने पर तेल और मृत त्वचा जमा हो सकती है, जिससे डैंड्रफ या स्कैल्प में परेशानी हो सकती है। Mayo Clinic के अनुसार बालों और स्कैल्प की जरूरत के आधार पर शैंपू करने की आवृत्ति अलग-अलग हो सकती है। इसलिए ऑयली स्कैल्प वाले व्यक्ति और ड्राई या कर्ली बालों वाले व्यक्ति का हेयर-वॉश रूटीन एक जैसा नहीं होना चाहिए।
कंडीशनर सिर्फ औपचारिकता नहीं हैशैंपू के बाद कंडीशनर छोड़ देना भी बालों की देखभाल में एक आम गलती हो सकती है। कंडीशनर बालों को सुलझाने और उन्हें मैनेज करने में मदद करता है। हालांकि इसे लगाने का तरीका बालों के प्रकार के अनुसार बदल सकता है। पतले या सीधे बालों में इसे मुख्य रूप से बालों के सिरों पर लगाया जा सकता है, जबकि ड्राई या कर्ली बालों में पूरी लंबाई पर कंडीशनिंग की जरूरत हो सकती है।
गीले बालों को तौलिए से रगड़ना बंद करेंबाल धोने के बाद उन्हें तेजी से सुखाने के लिए तौलिए से जोर-जोर से रगड़ना बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। गीले बाल ज्यादा नाजुक होते हैं, इसलिए उन्हें रगड़ने के बजाय तौलिए या मुलायम कपड़े से धीरे-धीरे पानी सोखना बेहतर है। इसके बाद बालों को जरूरत के अनुसार सूखने दें। AAD भी गीले बालों को जोर से रगड़ने के बजाय उन्हें धीरे से सुखाने की सलाह देता है।
गीले बालों में कंघी करते समय जल्दबाजी न करेंबाल धोने के तुरंत बाद जोर से ब्रश करने की आदत भी नुकसान पहुंचा सकती है। बालों को सुलझाने के लिए चौड़े दांत वाली कंघी इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। बालों के सिरों से धीरे-धीरे कंघी शुरू करें और फिर ऊपर की ओर बढ़ें। कर्ली या टेक्सचर्ड बालों में गीले या नम बालों को कंडीशनर के साथ सुलझाना अधिक सुविधाजनक हो सकता है।
हीट स्टाइलिंग कम करेंबालों की चमक कम होने के पीछे बार-बार होने वाली हीट स्टाइलिंग भी एक वजह हो सकती है। हेयर ड्रायर, स्ट्रेटनर और कर्लिंग आयरन का अत्यधिक इस्तेमाल बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। अगर हीट टूल इस्तेमाल करना जरूरी हो तो कम या मध्यम तापमान रखना और हीट-प्रोटेक्शन प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना बेहतर है।
अपने बालों के प्रकार के हिसाब से प्रोडक्ट चुनेंएक ही शैंपू या कंडीशनर हर व्यक्ति के बालों के लिए सही हो, यह जरूरी नहीं है। पतले, सीधे, घुंघराले, मोटे और ड्राई बालों की जरूरत अलग हो सकती है। इसलिए केवल विज्ञापन में “शाइनी हेयर” लिखा देखकर प्रोडक्ट चुनने के बजाय अपने बालों और स्कैल्प की जरूरत को ध्यान में रखना ज्यादा उपयोगी है। AAD भी hair type के अनुसार हेयर केयर प्रोडक्ट चुनने की सलाह देता है।
बाल धोने का सही तरीका क्या हो सकता है?अगर बालों को धोते समय ही नुकसान हो रहा हो तो बाकी हेयर केयर रूटीन का फायदा सीमित हो सकता है। पहले बाल और स्कैल्प को अच्छी तरह गीला करें। इसके बाद शैंपू को सीधे पूरी लंबाई पर रगड़ने के बजाय स्कैल्प पर लगाकर उंगलियों से हल्के हाथों से मसाज करें। फिर अच्छी तरह पानी से धो लें। इसके बाद बालों के प्रकार के अनुसार कंडीशनर लगाएं और उसे अच्छी तरह धो लें।
इसके बाद बालों को तौलिए से रगड़ने के बजाय धीरे से लपेटकर अतिरिक्त पानी सोखें। बालों को सुलझाते समय चौड़े दांत वाली कंघी का इस्तेमाल करें और खींचकर गांठ खोलने से बचें। इस पूरी प्रक्रिया में कम रगड़ और कम खिंचाव रखना बालों को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद कर सकता है।
ऑयली और ड्राई बालों का रूटीन एक जैसा नहींअगर स्कैल्प जल्दी ऑयली हो जाता है तो बालों को ज्यादा बार धोने की जरूरत पड़ सकती है। इसके उलट ड्राई, मोटे या कर्ली बालों में बहुत ज्यादा शैंपू करने से रूखापन और फ्रिजीनेस बढ़ सकती है। इसलिए “हफ्ते में सिर्फ इतनी बार बाल धोने चाहिए” जैसा एक नियम हर व्यक्ति पर लागू नहीं होता। स्कैल्प की स्थिति और बालों की बनावट को देखकर रूटीन तय करना ज्यादा उचित है।
अगर बालों में लगातार रूसी, खुजली, जलन या स्कैल्प की दूसरी समस्या बनी रहती है, तो केवल चमक बढ़ाने वाले घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। लगातार रहने वाली स्कैल्प समस्या के लिए अलग तरह के शैंपू या उपचार की जरूरत हो सकती है।
इसलिए बालों को चमकदार दिखाने का सबसे व्यावहारिक तरीका किसी एक “चमत्कारी” उपाय पर निर्भर रहने के बजाय सही हेयर-वॉश तकनीक, बालों के प्रकार के अनुसार प्रोडक्ट, कंडीशनिंग और कम नुकसान वाली हेयर-केयर आदतों को नियमित रखना है।