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हिंदुस्तान के इस शख्स ने लगा दिया था डिग्रियों का अंबार, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है नाम

By: Ankur Mon, 01 June 2020 5:55 PM

हिंदुस्तान के इस शख्स ने लगा दिया था डिग्रियों का अंबार, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है नाम

अक्सर देखा जाता है कि बहुत ही कम लोग होते हैं जो अपनी इच्छा से आगे पढने की चाहत रखते हैं और कुछ लोग तो सिर्फ मजबूरी के चलते पढ़ाई करते हैं। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनके पढने की ललक उन्हें ऐसे आयाम पर पहुंचा देती हैं कि वे पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान रखते हैं। आज इस कड़ी में भी हम आपको एक ऐसे ही शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने डिग्रियों का अंबार लगा दिया और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया हैं।

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इस शख्स का नाम है श्रीकांत जिचकर। 14 सितंबर 1954 को महाराष्ट्र के नागपुर में जन्मे श्रीकांत एक राजनेता भी थे। उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल से की थी और मात्र 25 साल की उम्र में ही विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बन गए थे। बाद में उन्हें मंत्री भी बनाया गया था। यही नहीं, बाद में वो लोकसभा का चुनाव जीतकर सांसद भी बने थे।

कहते हैं कि उन्होंने 42 विश्वविद्यालयों (यूनिवर्सिटी) में पढ़ाई की थी और 20 डिग्रियां हासिल की थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, उनमें से ज्यादातर डिग्रियां फर्स्ट क्लास (प्रथम श्रेणी) की थीं या उन्होंने उनमें गोल्ड मेडल हासिल किया था। उनके पास एमबीबीएस से लेकर एलएलबी, एमबीए और जर्नलिज्म (पत्रकारिता) तक की डिग्री थी। उन्होंने पीएचडी भी की थी। इसके अलावा उन्होंने अलग-अलग विषयों में कई बार एम. ए. किया था।

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श्रीकांत जिचकर ने देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली यूपीएससी परीक्षा भी पास की थी और आईपीएस बने थे। हालांकि उन्होंने जल्द ही त्यागपत्र दे दिया था। आईपीएस के अलावा दोबारा यूपीएससी की परीक्षा देकर वह आईएएस भी बने थे, लेकिन चार महीने नौकरी करने के बाद उन्होंने उस पद से भी त्यागपत्र दे दिया था और राजनीति में आ गए थे।

कहते हैं कि श्रीकांत को पढ़ाई का इतना शौक था कि उन्होंने अपने घर में एक बड़ी सी लाइब्रेरी ही बना ली थी, जिसमें 50 हजार से भी अधिक किताबें थीं। पढ़ाई के अलावा उन्हें पेंटिंग, फोटोग्राफी और एक्टिंग और अलग-अलग जगहों पर घूमने का भी शौक था। कहते हैं कि ऐसा कोई विषय नहीं था, जिसपर वो किसी से चर्चा नहीं कर सकते थे। लगभग हर विषय में वो पारंगत थे। हालांकि महज 50 साल की उम्र में ही एक सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी, लेकिन अपनी डिग्रियों की बदौलत वह आज भी 'सबसे शिक्षित भारतीय' कहलाए जाते हैं।

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