
दिवाली (Diwali) से पूर्व कार्तिक मास की त्रयोदशी को धनतेरस Dhanteras 2019 का पर्व मनाया जाता है। माना जाता है। इसी दिन समुद्र मंथन के दौरान अमृत का कलश लेकर देवताओं के वैद्य धनवंतरि प्रकट हुए थे। स्वास्थ्य रक्षा और आरोग्य के लिए इस दिन धनवंतरि देव की उपासना की जाती है। इस दिन को कुबेर का दिन भी माना जाता है और धन सम्पन्नता के लिए कुबेर की पूजा की जाती है। इस दिन लोग मूल्यवान धातुओं का और नए बर्तनों-आभूषणों का क्रय करते हैं। उन्हीं बर्तनों तथा मूर्तियों आदि से दीपावली की मुख्य पूजा की जाती है। वही आज गुजरात के मणिनगर के श्रीस्वामीनारायण मंदिर में धनतेरस के पर्व को धर्मतेरस के रूप में मना रहे है। जिसके लिए इस मंदिर में भगवान को करीब 100 करोड़ रुपए के 175 किलो सोने के आभूषणों से सजाया गया है।

भगवान की चरण पादुकाएं भी सोने की हैं। फूल भी इन पर चढ़ाने के लिए सोने के ही उपयोग में लिए गए है। भगवान की मूर्ति को हीरों से जड़ा एक नवलखा हार पहनाया गया है। घड़ी भी कीमती, हथफूल भी सोने के हैं। इसमें भी हीरे जड़े हैं।

6 किलोग्राम वजन के सोने बिस्किट हैं, जिन्हें हीरों से जड़ा गया है। मंदिर के पुरुषोत्तम प्रियदासजी के अनुसार धन जब तक धर्म के चरण में होता है, तब तक उसका महत्व रहता है।
तस्वीरें : दैनिक भास्कर














