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  • पश्चिम बंगाल: हड़ताल छोड़ हॉस्पिटल में पहुंचे डॉक्‍टर, प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला की कराई डिलिवरी

पश्चिम बंगाल: हड़ताल छोड़ हॉस्पिटल में पहुंचे डॉक्‍टर, प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला की कराई डिलिवरी

By: Pinki Sat, 15 June 2019 10:08 AM

पश्चिम बंगाल: हड़ताल छोड़ हॉस्पिटल में पहुंचे डॉक्‍टर, प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला की कराई डिलिवरी

डॉक्‍टरों की हड़ताल के बाद पश्चिम बंगाल में पूरा हेल्थ सिस्टम चरमरा गया है। दो जूनियर डॉक्टरों पर हुए हिंसक हमले के बाद से छिड़ा आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। हिंसा के शिकार साथियों के प्रति समर्थन जताते हुए बंगाल के 700 सरकारी डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है। इस मामले से निपटने को लेकर सरकार शुक्रवार को दिशाहीन नजर आई। वही इस पूरे विवाद के बीच शुक्रवार को कोलकाता में डॉक्‍टरों का एक मानवीय रूप देखने को मिला जिसकी हर तरफ तारीफ हो रही है। प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला के लिए डॉक्‍टर फरिश्‍ता बन गए और उसने सफलतापूवर्क एक बच्‍चे को जन्‍म दिया। शुक्रवार की सुबह 26 वर्षीय पूजा भारती की प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। पूजा उस समय अपने घर पर थीं और पूरे परिवार को चिंता हो गई कि डॉक्‍टरों की हड़ताल के बीच कैसे डिलिवरी होगी। पूजा की पीड़ा बढ़ने पर परिवार के पास कोई विकल्‍प नहीं था और वे उन्‍हें आरजी कार मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल ले गए।

शुरू में प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्‍टरों ने उन्‍हें किसी और हॉस्पिटल में जाने के लिए कहा लेकिन पूजा की पीड़ा देख उनका दिल पसीज गया। बच्‍चे को जन्‍म देने के बाद पूजा ने कहा, 'मुझे इतना भीषण दर्द हो रहा था कि मुझे लगा कि मैं गिर जाऊंगी और मर जाऊंगी। लेकिन तभी डॉक्‍टर मेरी मदद के लिए आए। मेरे जान में जान आई।' कुछ इंटर्न डॉक्‍टरों और दो पोस्‍ट ग्रैजुएट ट्रेनी डॉक्‍टरों निरुपमा डे और केया चटर्जी ने पूजा का प्रसव कराया।

महिला ने स्‍वस्‍थ बच्‍चे को जन्‍म दिया

इंटर्न डॉक्‍टर भास्‍कर दास ने कहा, 'हम मरीज के परिवार को बताना चाहते थे कि हम हड़ताल पर हैं लेकिन जब हमें लगा कि महिला अंतिम चरण की प्रसव पीड़ा से गुजर रही है तो हमें लगा कि अगर हम उसे लौटा देंगे तो यह हमारी तरफ से अमानवीय होगा।' महिला ने तीन हड़ताली डॉक्‍टरों की मदद से एक स्‍वस्‍थ बच्‍चे को जन्‍म दिया है।

डॉक्‍टर निरुपमा डे ने कहा, 'हम हड़ताल पर थे लेकिन हम इंसान भी हैं और हम यह समझते हैं कि इमर्जेंसी के मरीजों को मना नहीं करना चाहिए। एक गर्भवती महिला के लिए दूसरे अस्‍पताल तक जाना खतरनाक हो सकता है। हम इस बात से बेहद खुश हैं कि महिला ने एक स्‍वस्‍थ बच्‍चे को जन्‍म दिया है।'

10 हजार से ज्यादा डॉक्टर होंगे शामिल

पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थिति नील रत्न सरकार (NRS) मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों से मारपीट का मामला अब एक विराट रूप ले चूका है। हड़ताल के समर्थन में दिल्ली, मुंबई से लेकर राजस्थान, केरल, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में डॉक्टर अब एकजुट नजर आ रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के एम्स समेत 14 बड़े अस्पतालों के जूनियर डॉक्टरों ने भी शनिवार को हड़ताल का एलान किया है। इसके अलावा जम्मू एंड कश्मीर डॉक्टर्स कोऑर्डिनेशन कमेटी ने भी हड़ताल करने का ऐलान किया है। जम्मू एंड कश्मीर डॉक्टर्स कोऑर्डिनेशन कमेटी के मुताबिक जम्मू-कश्मीर और लेह रीजन के सभी अस्पतालों में 15 जून को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल रहेगी। इस हड़ताल में 10 हजार से ज्यादा डॉक्टर शामिल हो रहे हैं। फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले इन सभी अस्पतालों के डॉक्टरों ने हड़ताल की पूर्व लिखित सूचना अपने मेडिकल सुपरिटेंडेंट को दे दी है। इन डॉक्टरों के हड़ताल में जाने से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से हिंदुस्तान के कई हिस्सों में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई है। मरीजों में भी गुस्सा देखने को मिल रहा है।

दिल्ली के इन अस्पतालों में हड़ताल

शनिवार को दिल्ली के जिन अस्पतालों के डॉक्टर हड़ताल पर शामिल रहेंगे, उनमें एम्स, सफदरजंग हॉस्पिटल, बाबा साहब अंबेडकर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, हिंदूराव हॉस्पिटल, बीएमएच दिल्ली, दीनदयाल उपाध्याय हॉस्पिटल, संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एंड एसोसिएटेड हॉस्पिटल्स, इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड अलाइड साइंसेज (इहबास), श्री दादा देव मातृ एवं शिशु चिकित्सालय, नॉर्दन रेलवे सेंट्रल हॉस्पिटल, ईएसआईसी हॉस्पिटल, चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय, गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल और गुरु गोविंद सिंह हॉस्पिटल समेत अन्य हॉस्पिटल शामिल हैं।

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