आज दोपहर 12 बजे उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने कक्षा 10वीं और 12वीं के रिजल्ट का ऐलान कर दिया है। इस परीक्षा में इस साल 56,11,072 छात्र शामिल हुए थे। इनमें से 4,80,591 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। 51,30,481 परीक्षा ने परीक्षा दी थी। कुल 30,24,632 छात्र हैं जो यूपी बोर्ड 10वीं की परीक्षा में शामिल हुए थे। 10वीं की परीक्षा 18 फरवरी से 3 मार्च 2020 तक आयोजित की गई थीं। ये परीक्षा 12 दिनों में समाप्त हो गई थी। कुल 25,86,440 छात्र हैं जो यूपी बोर्ड 12वीं की परीक्षा में शामिल हुए थे। 12वीं की परीक्षाएं 18 फरवरी से 6 मार्च 2020 के बीच आयोजित की गई थी।
हाईस्कूल में 83.31% और इंटरमीडिए में 74.63% बच्चे पास हुए हैं। सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि, 1921 में स्थापित यूपी बोर्ड के इतिहास में ऐसा दूसरी बार हुआ है जब रिजल्ट प्रयागराज की बजाय लखनऊ से जारी किया गया। इससे पहले बसपा सरकार में 2007 में हाईस्कूल का रिजल्ट लखनऊ से जबकि इंटरमीडिएट का रिजल्ट प्रयागराज से जारी किया गया था। पिछले साल की तुलना में इस बार परिणाम बेहतर आया है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ऐलान किया है कि, यूपी बोर्ड के टॉप-20 मेधावी छात्रों के घर की सड़क को उनके नाम पर बनाया जाएगा।
मेरे प्यारे बच्चों,
आज यूपी बोर्ड का परीक्षाफल आना है। वैसे परीक्षा व परीक्षाफल आत्म विश्लेषण का माध्यम मात्र हैं।
अतः प्रत्येक परीक्षाफल को सहजतापूर्वक स्वीकारइन आधिकारिक वेबसाइट्स पर चेक करें रिजल्ट
upmsp.edu.in
upresults.nic.in
upmspresults.up.nic.in
टोल फ्री नंबर पर कॉल करके जान सकते हैं रिजल्ट
छात्र दो टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करके भी यूपी बोर्ड परिणाम 2020 के रिजल्ट का पता लगा सकते हैं। हेल्पलाइन नंबर-- 1800-180-5310 और 1800-180-5312 हैं। छात्र अपने प्रश्नों का उत्तर प्राप्त कर सकते हैं और तनाव को दूर करने में भी उनकी मदद करेंगे। इन हेल्पलाइन नंबरों की टाइमिंग सुबह 8 से रात 8 बजे तक है।
5 सालों के हाईस्कूल परीक्षा परिणाम
वर्ष - उत्तीर्ण प्रतिशत
2019 - 80.07
2018 - 75.16
2017 - 81.18
2016 - 87.66
2015 - 83.74
5 सालों के इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम
वर्ष - उत्तीर्ण प्रतिशत
2019 - 70.06
2018 - 72.43
2017 - 82.62
2016 - 87.99
2015 - 88.83डिजिटल हस्ताक्षर वाले अंकपत्र एवं प्रमाण पत्र
बोर्ड पहली बार डिजिटल हस्ताक्षर वाले अंकपत्र एवं प्रमाण पत्र जारी कर रहा है। यह डिजिटल अंकपत्र-प्रमाण पत्र छात्रों को परिणाम जारी होने के दो से तीन दिन के भीतर स्कूल के प्रधानाचार्य के माध्यम से मिल जाएगा। इंटरमीडिएट में एक विषय में फेल होने वाले परीक्षार्थी को पहली बार कंपार्टमेंट में शामिल होने का मौका दिया जा रहा है। अभी तक यह व्यवस्था हाईस्कूल के छात्रों के लिए थी। यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 का परिणाम जारी होने के साथ अबकी बार बोर्ड की ओर से छात्रों को तत्काल अंकपत्र-प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा। बोर्ड की ओर से यह निर्णय कोरोना संकट को देखते हुए लिया गया है। इससे पूर्व में बोर्ड की ओर से परिणाम जारी होने के बाद 15 दिन के भीतर अंकपत्र-प्रमाण पत्र स्कूलों को भेज दिए जाते थे। कोरोना संकट के चलते अंकपत्र-प्रमाण पत्र छपने में परेशानी हो रही है, इसीलिए स्कूलों से कहा गया है कि वह डिजिटल हस्ताक्षर वाले अंकपत्र-प्रमाण पत्र वेबसाइट से डाउनलोड करके छात्रों को वितरित करें। डिजिटल हस्ताक्षर वाले प्रमाण पत्र प्रवेश लेने से लेकर नौकरी तक में मान्य होंगे।इंटरमीडिएट पास करने वाले छात्रों को पहले डिजिटल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएगा, जिससे उन्हें प्रवेश लेने में परेशानी न हो।
जहां एक ओर कोरोना संकट के कारण सीबीएसई और आईसीएसई जैसे राष्ट्रीय बोर्ड अपनी परीक्षाओं को पूरा करने में असमर्थ रहे, वहीं यूपी बोर्ड ने न केवल परीक्षाओं को समय पर पूरा किया बल्कि लॉकडाउन के दौरान रिकॉर्ड समय में 1.2 लाख शिक्षकों द्वारा 56 लाख छात्रों की 3.5 करोड़ आंसरशीट का मूल्यांकन भी किया था।














